
Sarguja:मैनपाट में आदिवासी बच्चियों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण का आरोप, महिला को युवकों ने रोका
मैनपाट, सरगुजा: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां मांझी समुदाय की बच्चियों को कथित तौर पर प्रलोभन देकर धर्मांतरण के लिए चर्च ले जाने का आरोप लगा है। स्थानीय युवकों ने एक महिला को बच्चियों के साथ चर्च जाते समय रोका और उससे पूछताछ की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।

बच्चियों को चर्च ले जाने का आरोप
जानकारी के अनुसार, रविवार को मैनपाट के ग्राम केसरा की कुछ बच्चियों को आरती नामक महिला बरिमा गांव में आयोजित प्रार्थना सभा में ले जा रही थी। मैनपाट के पथरई और बरिमा में नियमित रूप से प्रार्थना सभाओं का आयोजन होता है, जिसमें आसपास के गांवों से लोग शामिल होते हैं। आरोप है कि आरती ने 6 बच्चियों को उनके परिजनों की जानकारी के बिना चर्च ले जाने की कोशिश की। सरभंजा गांव के कुछ युवकों ने महिला को रोककर सवाल-जवाब किए, लेकिन महिला कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई।

प्रलोभन और ‘ब्रेन वॉश’ का दावा
युवकों ने आरोप लगाया कि आरती पैसों और अन्य सुविधाओं का लालच देकर गरीब आदिवासी और मांझी समुदाय की बच्चियों का धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश कर रही थी। उनका कहना है कि यह महिला बच्चियों का “ब्रेन वॉश” कर उन्हें उनकी संस्कृति और परंपराओं से दूर करने की साजिश में शामिल थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि मैनपाट के बरिमा गांव में हर रविवार को आयोजित होने वाली प्रार्थना सभाओं में आसपास के गांवों से लोगों को बुलाया जाता है, और यह गतिविधियां लंबे समय से चल रही हैं।
सनातनी परंपराओं को कमजोर करने की साजिश
आरोप है कि मांझी और मझवार समुदाय की सदियों पुरानी सनातनी परंपराओं और संस्कृति को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। माझी-मझवार समुदाय लंबे समय से हिंदू धर्म का पालन करता रहा है और इसकी अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां समुदाय की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को नष्ट करने का प्रयास हैं।
भाजपा नेता ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
भाजपा नेता और मैनपाट के पूर्व मंडल अध्यक्ष रजनीश पांडेय ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, “मैनपाट के बरिमा, कुदारीडीह, सरभंजा, केसरा, नर्मदापुर, कुनिया और रोपाखार जैसे गांवों में माझी और मझवार समुदाय के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं, जो सनातन धर्म को मानते हैं। इन समुदायों की बच्चियों को पैसों का लालच देकर और ब्रेन वॉश करके धर्मांतरण की कोशिश की जा रही है। इसके लिए दिहाड़ी पर लोग रखे जा रहे हैं। हम प्रशासन से इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।”
प्रशासन से जांच की उम्मीद
पांडेय ने बताया कि इस मामले की शिकायत जल्द ही प्रशासनिक अधिकारियों से की जाएगी। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर आक्रोश जताया है और मांग की है कि आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक पहचान को नष्ट करने की इस तरह की कोशिशों पर तत्काल रोक लगाई जाए। इस घटना ने क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है, और प्रशासन से इसकी गहन जांच और उचित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।
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