
Meghalaya के पूर्व मुख्यमंत्री D.D लापांग का 91 वर्ष की उम्र में निधन, राज्यभर में शोक की लहर
मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री डी.डी. लापांग का 12 सितंबर 2025 की रात शिलॉन्ग के बेथानी अस्पताल में वृद्धावस्था संबंधी बीमारी के कारण निधन हो गया। वे 91 वर्ष के थे और अपने पीछे पत्नी अमेथिस्ट लिन्डा जोन्स ब्लाह और दो पुत्र-पुत्रियों का परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन पर राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई है, इस दौरान सभी सरकारी इमारतों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई सरकारी मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा.

जीवन परिचय और राजनीतिक सफर
डी.डी. लापांग का जन्म 10 अप्रैल 1934 को साधारण परिवार में हुआ था। राजनीति में आने से पहले वे चाय की दुकान चलाने में अपनी मां की मदद करते थे, सड़क मजदूर और स्कूल उपनिरीक्षक के रूप में भी कार्य किया। 1972 में वे नोंगपोह सीट से निर्दलीय विधायक चुने गए.
लापांग मेघालय के सबसे वरिष्ठ और लंबे समय तक सेवा देने वाले नेताओं में रहे। वे कुल चार बार (1992-2010 के बीच समय-समय पर) प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाए गए। उन्होंने कांग्रेस पार्टी में रहकर राज्य की राजनीति को दिशा दी और बाद में 2018 में नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) जॉइन कर मुख्यमंत्री को सलाहकार के रूप में सेवा दी। वह Ri-Bhoi जिले के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए भी याद किए जाते हैं.

योगदान और सम्मान
मुख्यमंत्री के तौर पर लापांग ने राज्य में शासन को मजबूत करने, विकास विस्तार और सामाजिक सौहार्द बढ़ाने के लिए सराहनीय कार्य किए। उनकी साधारणता, सहिष्णुता और राजनीतिक सूझबूझ के चलते वे सभी दलों में सम्मानित रहे। 2024 में Ri-Bhoi जिले में उनकी आदमकद प्रतिमा के अनावरण से उनके योगदान को राजकीय सम्मान मिला.
मुख्यमंत्री एवं नेताओं की श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा समेत प्रदेश के विभिन्न दलों और नेताओं ने लापांग को सच्चा जन नेता बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके जीवन से ‘सेवा, विनम्रता और जिम्मेदारी का संदेश’ लेने की बात कही। अंतिम संस्कार 15 सितंबर को शिलॉन्ग में राजकीय सम्मान के साथ होगा.
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