
Most Wanted महिला नक्सली सुजाथा का सरेंडर: नक्सल संगठन को बड़ा झटका Police की बड़ी सफलता
दंतेवाड़ा/हैदराबाद, 13 सितंबर 2025: नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकारों की सख्त कार्रवाई के बीच एक और बड़ी सफलता हासिल हुई है। तेलंगाना में एक करोड़ रुपये की इनामी मोस्ट वांटेड महिला नक्सली सुजाथा उर्फ सुजाथक्का उर्फ पोथुला कल्पना उर्फ पद्मा उर्फ झांसी बाई ने आज तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। माओवादी संगठन की सेंट्रल कमेटी की शीर्ष सदस्य सुजाथा पर छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र पुलिस ने कुल एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। यह सरेंडर न केवल सुरक्षा बलों के लिए मील का पत्थर है, बल्कि नक्सली संगठन के लिए करारा प्रहार भी माना जा रहा है।

सुजाथा का सरेंडर तेलंगाना के महबूबनगर जिले में इलाज के सिलसिले में हुई थी, जहां वह छिपी हुई थी। 60 वर्षीय सुजाथा मूल रूप से तेलंगाना के जोगुलंबा गढ़वाल जिले के गाजू मंडल के पेंचीकालपेट गांव की रहने वाली हैं। शिक्षा के मामले में स्नातक स्तर तक पढ़ी हुईं सुजाथा अंग्रेजी, हिंदी, बंगाली, मराठी, तेलुगु के अलावा स्थानीय गोंडी और हल्बी बोली भी बखूबी बोलती-समझती हैं। नक्सली संगठन में शामिल होने से पहले वह एक सामान्य ग्रामीण जीवन जी रही थीं, लेकिन 1980 के दशक में नक्सल आंदोलन की लहर ने उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया।
सुजाथा का नक्सली सफर: किशनजी की पत्नी से सेंट्रल कमेटी की शीर्ष नेता तक
सुजाथा का नक्सली जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। वह कुख्यात नक्सली नेता कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी की पत्नी हैं, जिन्हें 2011 में पश्चिम बंगाल के बुरकोपा जंगल में सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। किशनजी नक्सल आंदोलन के सबसे खतरनाक चेहरों में से एक थे, जिन पर सैकड़ों हत्याओं और विस्फोटों का आरोप था। किशनजी की मौत के बाद सुजाथा ने संगठन में अपनी सक्रियता बढ़ा दी। वह दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी की पूर्व प्रभारी रहीं और बाद में साउथ सब जोनल ब्यूरो की प्रभारी सचिव बनीं। इस भूमिका में सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जैसे नक्सल हॉटस्पॉट जिलों पर उनका सीधा नियंत्रण था।

पुलिस के अनुसार, सुजाथा छत्तीसगढ़ के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में 100 से अधिक नक्सली वारदातों में शामिल रही हैं। इनमें आईईडी विस्फोट, सुरक्षाबलों पर हमले, ग्रामीणों की हत्याएं और लेवी वसूली जैसे अपराध शामिल हैं। खासतौर पर 2020 की मीनपा घटना और 2021 की टेकलगुड़ेम घटना में उनका हाथ माना जाता है। सुजाथा ने न केवल पुरुष नक्सलियों को ट्रेनिंग दी, बल्कि महिला नक्सली संगठनों को भी मजबूत किया। खुंखार नक्सली हिड़मा जैसे कमांडरों को ट्रेनिंग देने का भी उन पर आरोप है। संगठन में उनकी रणनीतिक भूमिका के कारण उन्हें ‘महिला नक्सलवाद की मां’ भी कहा जाता था।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



