
Odisha Civil सेवा परीक्षा Topper अश्विनी कुमार पांडा रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार: पूरी कहानी
ओडिशा के संबलपुर जिले के बामरा तहसीलदार और 2019 बैच के ओडिशा सिविल सेवा परीक्षा के टॉपर अश्विनी कुमार पांडा को 12 सितंबर 2025 को 15,000 रुपये रिश्वत लेते हुए विजिलेंस विभाग ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने एक शिकायतकर्ता से कृषि भूमि को गृहस्थ भूमि में बदलने और रिकॉर्ड ऑफ राइट (RoR) जारी करने के लिए रिश्वत मांगी थी।

आरोप और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
शिकायतकर्ता ने बताया कि तहसीलदार ने पहले 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी, लेकिन शिकायतकर्ता की आर्थिक स्थिति देखते हुए यह राशि घटाकर 15,000 रुपये कर दी और पैसा न देने पर म्यूटेशन की अनुमति न देने की धमकी भी दी। शिकायतकर्ता ने जब विजिलेंस को सूचना दी, तो सुराग मिलते ही सतर्कता विभाग ने जाल बिछाया। जिसमें पांडा को उनके ड्राइवर पी. प्रवीण कुमार के माध्यम से रिश्वत लेते पकड़ा गया। मौके से पूरी रकम बरामद की गई और ड्राइवर को भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया।
तलाशी एवं बरामदगी
गिरफ्तारी के बाद, विजिलेंस ने पांडा के भुवनेश्वर स्थित आवास और पीडब्ल्यूडी आईबी आवास पर छापेमारी की। इस दौरान 4.73 लाख रुपये नकद बरामद हुए, जो भ्रष्टाचार के बड़े प्रमाण हैं।
अश्विनी कुमार पांडा की पृष्ठभूमि
अश्विनी कुमार पांडा ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया है। उन्होंने 2019 की ओडिशा सिविल सेवा परीक्षा में टॉप किया था। दिसंबर 2021 में वे ट्रेनिंग रिजर्व ऑफिसर (TRO) के रूप में सरकारी सेवा में शामिल हुए। इसके बाद मयूरभंज जिले के शामखुंटा तहसीलदार के रूप में और फिर 1 जुलाई 2025 से संबलपुर जिले के बामरा तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं।

उनकी सफलता की कहानी प्रेरणादायक मानी जाती है, क्योंकि उन्होंने बिना कोचिंग के पहली प्रयास में परीक्षा पूरी की। हालांकि, अब रिश्वतखोरी के आरोपों ने उनके कैरियर को गंभीर चोट पहुंचाई है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



