
Dhamtari शहर में क्राइम हॉटस्पॉट की पहचान CCTV और स्ट्रीट लाइट से बढ़ेगी सुरक्षा, अपराध पर लगेगी लगाम
धमतरी, 13 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में अपराध की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) के सख्त निर्देशों पर शहर के संवेदनशील और चिन्हांकित क्राइम हॉटस्पॉट क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों और स्ट्रीट लाइटों की स्थापना की दिशा में ठोस पहल शुरू कर दी गई है। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी ने स्थानीय स्तर पर विस्तृत सर्वेक्षण कर इन क्षेत्रों का चिन्हांकन किया है, ताकि अंधेरे और सुनसान इलाकों में अपराधियों की मनमानी पर पूर्ण रोक लग सके। यह कदम न केवल आधुनिक पुलिसिंग का प्रतीक है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत करने की दृढ़ प्रतिबद्धता भी दर्शाता है।

बढ़ती नशाखोरी और अपराध की चुनौती
Dhamtari शहर में क्राइम हॉटस्पॉट की पहचान CCTV और स्ट्रीट लाइट से बढ़ेगी सुरक्षा, अपराध पर लगेगी लगामपिछले तीन-चार वर्षों में धमतरी शहर में युवाओं के बीच नशाखोरी की प्रवृत्ति ने चिंता का विषय बना लिया है। इसकी वजह से चाकूबाजी, लूटपाट, हत्या, मारपीट और अन्य हिंसक अपराधों की संख्या में इजाफा देखा गया है। आंकड़ों के अनुसार, 2022 से 2024 तक जिले में ऐसे अपराधों की संख्या में लगभग 25% की वृद्धि हुई थी, जिसमें अधिकांश घटनाएं रात के समय अंधेरे गलियों या सुनसान पार्कों में दर्ज की गईं। अपराधी तत्व जानबूझकर उन स्थानों का चयन करते हैं जहां प्रकाश की कमी और निगरानी का अभाव होता है, जिससे वारदात को अंजाम देना उनके लिए आसान हो जाता है।

हालांकि, धमतरी पुलिस ने हमेशा त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया है। पिछले दो वर्षों में विभिन्न मामलों में 80% से अधिक अपराधियों को 48 घंटों के अंदर गिरफ्तार किया गया, जो पुलिस की सतर्कता का प्रमाण है। फिर भी, विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ते हुए स्मार्ट सिटी कॉन्सेप्ट के अनुरूप सीसीटीवी और उचित प्रकाश व्यवस्था अपराध दर को 40-50% तक कम कर सकती है। यह योजना न केवल अपराध रोकथाम में सहायक होगी, बल्कि जांच प्रक्रिया को भी तेज करेगी, क्योंकि रीयल-टाइम फुटेज से अपराधियों की पहचान तुरंत संभव हो सकेगी।

चिन्हांकित हॉटस्पॉट: कहां-कहां लगेंगे कैमरे?
सिटी कोतवाली क्षेत्र के 21 वार्डों का विस्तृत सर्वेक्षण कर 15 प्रमुख क्राइम हॉटस्पॉट की पहचान की गई है। इनमें मुख्य रूप से बाजार क्षेत्र की पिछली गलियां, रेलवे स्टेशन के आसपास के इलाके, पुराने बस स्टैंड के निकटवर्ती पार्क, और आवासीय कॉलोनियों के सुनसान चौराहे शामिल हैं। नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर ये स्थान चिन्हित किए गए, जहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा आम है। उदाहरण के लिए, शहर के केंद्रीय बाजार के पीछे वाली गली में पिछले साल तीन लूट की घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 के आसपास नशेड़ियों की सक्रियता चिंता का विषय बनी हुई है।
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