
प्रवर्तन निदेशालय ने पाँच राज्यों में इनपुट TAX Credit घोटाले को लेकर छापेमारी की, देशभर में वित्तीय जांच तेज
नई दिल्ली, 12 सितंबर 2025:
प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate – ED) ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (Input Tax Credit – ITC) से जुड़े घोटालों की जांच के तहत देश के पाँच राज्यों में व्यापक छापेमारी की है। इस कार्रवाई का उद्देश्य फर्जी बिलों के माध्यम से किए जा रहे कर चोरी और वित्तीय अनियमितताओं पर लगाम लगाना है। इस जांच से भारत में कर व्यवस्था की पारदर्शिता बढ़ाने और वित्तीय अनुशासन लागू करने की कोशिशें तेज हुई हैं।

छापेमारी की मुख्य बातें
- छापेमारी महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में की गई।
- फर्जी कंपनियों और बोगस बिलों के ज़रिए कर चोरी किए जाने की जानकारी मिली थी।
- कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों के दस्तावेज़ जब्त किए गए हैं।
- आयकर विभाग और जीएसटी अधिकारियों के साथ समन्वय कर जांच तेज की जा रही है।
इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले की पृष्ठभूमि
इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ असली व्यापारिक लेन-देन के आधार पर दिया जाता है, लेकिन कई फर्जी कंपनियाँ बिना किसी वास्तविक लेन-देन के बोगस बिल बनाकर कर में छूट का फायदा ले रही थीं। इससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा था।
सरकार की सख्ती
- वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी रोकने के लिए कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- नकली बिलों के आधार पर कर छूट लेने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
- कर प्रशासन को डिजिटल निगरानी प्रणाली से मजबूत किया जा रहा है।
- कारोबारियों से ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की गई है।

विशेषज्ञों की राय
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह छापेमारी कर प्रणाली में सुधार लाने और फर्जीवाड़े पर नियंत्रण करने की दिशा में अहम कदम है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेटा विश्लेषण के जरिए ऐसे घोटालों पर प्रभावी निगरानी संभव होगी।
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