
Kanker : स्वास्थ्य लापरवाही से नवजात की दर्दनाक मौत, एम्बुलेंस न पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश
जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जो स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रही है। अंजाड़ी गांव की रहने वाली जानो बाई को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजनों ने तुरंत महतारी 102 एम्बुलेंस को कॉल किया, लेकिन बरसात के कारण नाले में उफान भरे पानी के चलते एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। नतीजा, समय पर चिकित्सा सहायता न मिलने से नवजात की मौत हो गई। यह घटना न केवल परिवार को शोक में डुबो रही है, बल्कि पूरे जिले में प्रशासनिक उदासीनता को लेकर सवाल खड़े कर रही है।

घटना का पूरा विवरण: बरसात ने रोकी मदद, गांव में हाहाकार
अंजाड़ी गांव, जो कांकेर जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित है, वहां की रहने वाली जानो बाई (28 वर्ष) का पति रामू एक किसान है। मंगलवार रात करीब 10 बजे जानो को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने घबराहट में तुरंत 102 हेल्पलाइन पर कॉल किया। एम्बुलेंस स्टाफ ने आश्वासन दिया कि वे जल्द पहुंच रहे हैं। लेकिन भारी बारिश के कारण गांव के रास्ते पर बहने वाले नाले में पानी का स्तर इतना बढ़ गया था कि एम्बुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी।
ग्रामीणों ने बताया कि एम्बुलेंस नाले के किनारे ही रुक गई और चालक ने कहा कि आगे का रास्ता खतरनाक है। परिजनों को मजबूरन स्थानीय मितानिन (आशा कार्यकर्ता) को बुलाना पड़ा। मितानिन ने आपातकालीन तरीके से प्रसव कराया, लेकिन नवजात शिशु को जन्म लेते ही सांस लेने में दिक्कत हुई। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद शिशु की सांसें थम गईं। जानो बाई की हालत भी नाजुक बनी हुई है, जिन्हें बुधवार सुबह जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही: बरसात में भी एम्बुलेंस सुविधा क्यों फेल?
यह घटना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर करती है। जिले में महतारी 102 एम्बुलेंस सेवा को विशेष रूप से आदिवासी और दूरस्थ इलाकों के लिए शुरू किया गया था, लेकिन बारिश के मौसम में रास्तों की खराब स्थिति इसे बेकार साबित कर रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अंजाड़ी जैसे गांवों में साल में कई बार नाले उफान पर आ जाते हैं, लेकिन प्रशासन ने वैकल्पिक रास्ते या बाइक एम्बुलेंस जैसी सुविधा नहीं उपलब्ध कराई।
एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “हर साल बारिश में यही समस्या होती है। एम्बुलेंस आती ही नहीं, और तब तक मरीज तड़पता रहता है। पिछले साल भी एक प्रसव के दौरान इसी तरह की घटना हुई थी।” जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, लेकिन उन्होंने एम्बुलेंस चालक पर रास्ता न पार करने का आरोप लगाया।
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