
Raipur में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 15 साल की सजा, आजीवन कारावास का भी आदेश
रायपुर, 10 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 23 वर्षीय आरोपी दीपक धीरज को अदालत ने दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। केंद्रीय जेल रायपुर से जारी आदेश के अनुसार, आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) 1860 की धारा 363, 376-AB, 376(2)(f) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया गया है। इस जघन्य अपराध के लिए उसे 15 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ-साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

मामले का विवरण
रायपुर के निवासी दीपक धीरज पर एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का गंभीर आरोप था। पुलिस जांच और अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर यह साबित हुआ कि आरोपी ने नाबालिग को अगवा कर उसके साथ बलात्कार किया। इस मामले ने स्थानीय समुदाय में व्यापक आक्रोश पैदा किया था, और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया था।

अदालत का फैसला
अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद निम्नलिखित सजा का आदेश दिया:
- धारा 363 (अपहरण): आरोपी को पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 1,000 रुपये के अर्थदंड की सजा।
- धारा 376(2)(f) (रिश्तेदार या अभिभावक द्वारा बलात्कार): इस धारा के तहत कोई अतिरिक्त दंड नहीं दिया गया।
- धारा 376-AB (12 वर्ष से कम उम्र की नाबालिग के साथ बलात्कार): आरोपी को आजीवन कारावास (शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक) और 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा।
- पॉक्सो एक्ट: इस अधिनियम के तहत भी आजीवन कारावास और 5,000 रुपये का अर्थदंड।

हालांकि, जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सजा की अवधि को समायोजित किया जाएगा, और वर्तमान में आरोपी को केवल चार माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि दीपक धीरज की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, जिसका अर्थ है कि उसे कुल मिलाकर 15 वर्ष की सजा काटनी होगी। अर्थदंड न चुकाने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी शामिल है।
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