
नवजात शिशु को Plastic थैली में फेंका, मितानिनों और Police ने बचाई जान
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया। एक बेरहम माँ ने अपनी मासूम नवजात बच्ची को लाल रंग की प्लास्टिक थैली में डालकर नाले के किनारे फेंक दिया। यह घटना धमतरी जिले के करेलीबड़ी चौकी अंतर्गत ग्राम भेंडरा में घटी, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। ग्रामीणों की सजगता, मितानिनों की तत्परता और पुलिस की समय पर कार्रवाई ने इस मासूम की जान बचा ली, लेकिन बच्ची की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।

घटना का विवरण
सुबह-सुबह भेंडरा गाँव के कुछ ग्रामीणों ने नाले के किनारे एक लाल रंग की प्लास्टिक थैली में कुछ हलचल देखी। करीब जाकर देखने पर उन्हें थैली के अंदर एक नवजात शिशु दिखाई दिया, जो रो रही थी। इस दृश्य ने ग्रामीणों को स्तब्ध कर दिया। तुरंत उन्होंने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। करेलीबड़ी चौकी की पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और नवजात को थैली से बाहर निकाला। बच्ची की हालत देखकर पुलिस ने उसे तुरंत नजदीकी उप-स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया।
उप-स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद मितानिनों ने बच्ची की प्राथमिक देखभाल की। बच्ची भूख से तड़प रही थी, इसलिए मितानिनों ने उसे दूध पिलाकर उसकी भूख शांत की। प्रारंभिक जांच के बाद बच्ची को बेहतर इलाज के लिए धमतरी जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल के विशेष नवजात देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में बच्ची को भर्ती किया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है।
बच्ची की स्थिति
डॉक्टरों के अनुसार, नवजात बच्ची की उम्र लगभग 10 से 12 दिन है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि बच्ची का वजन सामान्य से काफी कम है और उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि बच्ची का पहले भी कहीं इलाज हुआ प्रतीत होता है, क्योंकि उसके शरीर पर कुछ चिकित्सकीय निशान मौजूद हैं। अस्पताल के चिकित्सक बच्ची की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए अभी कुछ भी कहना मुश्किल है।

पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। करेलीबड़ी चौकी प्रभारी ने बताया कि बच्ची को फेंकने वाली माँ की तलाश की जा रही है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर रही है और संदिग्ध व्यक्तियों से जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि बच्ची को नाले के किनारे कब और किसके द्वारा छोड़ा गया। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि किसी के पास इस घटना से संबंधित कोई जानकारी हो, तो वह तुरंत पुलिस से संपर्क करे।
सामाजिक और मानवीय पहलू
इस घटना ने समाज में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर एक माँ अपनी नवजात बच्ची के साथ इतनी क्रूरता कैसे कर सकती है? क्या सामाजिक दबाव, आर्थिक तंगी या अन्य कोई मजबूरी इस घटना के पीछे थी? विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं के पीछे कई सामाजिक और आर्थिक कारण हो सकते हैं, जैसे कि अवैध गर्भावस्था, सामाजिक कलंक, या परिवार का दबाव।
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