
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: MP Brijmohan Agrawal ने डाला वोट, एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन की ऐतिहासिक जीत का संकल्प
रायपुर/दिल्ली, 9 सितंबर 2025: भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए आज संसद भवन में मतदान की प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू हो गई है। यह चुनाव पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे के बाद समय से पहले हो रहा है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन और विपक्षी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला है। आंकड़ों के लिहाज से एनडीए मजबूत स्थिति में है, लेकिन विपक्ष क्रॉस वोटिंग पर दांव लगा रहा है।

छत्तीसगढ़ से सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी इस महत्वपूर्ण चुनाव में हिस्सा लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए बताया कि संसद भवन पहुंचकर उन्होंने साथी सांसदों के साथ एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद पर ऐतिहासिक विजय दिलाने के संकल्प के साथ मतदान किया। अग्रवाल ने लिखा, “विश्वास है कि उनके अनुभव, जनसेवा के प्रति समर्पण और दूरदर्शी नेतृत्व से राष्ट्रहित के कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।” बृजमोहन अग्रवाल, जो भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, ने इस चुनाव को राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
चुनाव की पृष्ठभूमि और उम्मीदवारों का परिचय
यह चुनाव संविधान के अनुच्छेद 67 के तहत हो रहा है, जिसमें उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है। जगदीप धनखड़ ने जुलाई 2025 में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को चुनाव कार्यक्रम घोषित किया। नामांकन प्रक्रिया 20 अगस्त को शुरू हुई, जिसमें एनडीए ने सी.पी. राधाकृष्णन को नामित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके नामांकन पत्र पर मुख्य प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किए, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य एनडीए नेता समर्थन में मौजूद थे।

सी.पी. राधाकृष्णन (68 वर्ष) तमिलनाडु के तिरुपुर जिले के रहने वाले हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से 17 वर्ष की उम्र से जुड़े हुए हैं। वे भाजपा के दक्षिण भारत में प्रमुख चेहरे रहे हैं। 1998 और 1999 के लोकसभा चुनावों में कोयंबटूर से सांसद चुने गए, जहां उन्होंने कोयंबटूर बम धमाकों के बाद भाजपा को मजबूत समर्थन दिलाया। वे तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2016 से 2020 तक कोयर बोर्ड के चेयरमैन रहे, जब नारियल रेशा निर्यात रिकॉर्ड 2,700 करोड़ रुपये तक पहुंचा। 2023 में झारखंड के राज्यपाल बने, फिर 2024 में महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल। राधाकृष्णन को “सादगीपूर्ण, मृदुभाषी और गैर-विवादास्पद” नेता के रूप में जाना जाता है। उन्होंने आज सुबह दिल्ली के लोधी रोड स्थित श्री राम मंदिर में पूजा की और कहा, “यह भारतीय राष्ट्रवाद की बड़ी जीत होगी। हम सब एक हैं और एक रहेंगे। हम ‘विकसित भारत’ बनाना चाहते हैं। यह जीत उस दिशा में ले जाएगी।”
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



