
Chhattisgarh:पत्रकार हत्या के मुख्य आरोपी पर प्रशासन की कार्रवाई, अवैध बाड़ा बुलडोजर से ध्वस्त
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पत्रकार मुकेश चंद्रकार की हत्या के मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्रकार के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। सोमवार को नगर पालिका और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चट्टानपारा स्थित सुरेश के अवैध बाड़े को जेसीबी से ढहा दिया। इसी बाड़े में 1 जनवरी की रात मुकेश की हत्या कर उनके शव को सेप्टिक टैंक में छिपाया गया था। इस कार्रवाई को पत्रकार की हत्या के मामले में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अवैध बाड़े पर बुलडोजर की कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार, चट्टानपारा में बना यह बाड़ा नगर पालिका क्षेत्र की राजस्व भूमि पर अवैध रूप से बनाया गया था। बाड़े में 11 कमरे खड़े किए गए थे, जिन्हें बनाने से पहले कोई अनुमति नहीं ली गई थी। आरोपी सुरेश चंद्रकार को कई बार नोटिस जारी किया गया, लेकिन जवाब न मिलने और कोर्ट से राहत न मिलने पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर इसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी तरह का विरोध या बाधा उत्पन्न न हो।

हत्या का खुलासा कैसे हुआ
1 जनवरी की रात पत्रकार मुकेश चंद्रकार अचानक लापता हो गए थे। परिजनों ने अगले दिन उनकी खोजबीन शुरू की और मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने जांच के दौरान मुकेश के फोन की लोकेशन का पता लगाया, जो सुरेश चंद्रकार के बाड़े में मिली। संदेह के आधार पर पुलिस ने बाड़े में बने नए सेप्टिक टैंक की जांच की, जहां से मुकेश का शव बरामद हुआ। इस खुलासे ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी थी।

सड़क घोटाले से जुड़ा हत्या का मामला
जांच में सामने आया कि सुरेश चंद्रकार गंगालूर से मिरतुर तक 52 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण का ठेका कर रहा था। इस सड़क निर्माण में भारी भ्रष्टाचार और घटिया कार्य को लेकर पत्रकार मुकेश चंद्रकार लगातार खबरें प्रकाशित कर रहे थे। उनकी खोजी पत्रकारिता से परेशान होकर सुरेश और उसके साथियों ने हत्या की साजिश रची। पुलिस का मानना है कि मुकेश की खबरों ने सुरेश के अवैध कारोबार को बेनकाब किया, जिसके चलते यह जघन्य अपराध हुआ।
गिरफ्तारी और चार्जशीट
शव बरामद होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। 3 जनवरी की शाम को जांच तेज की गई और 4 जनवरी की देर रात रायपुर एयरपोर्ट से आरोपी रितेश चंद्रकार को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 5 जनवरी को मुख्य आरोपी सुरेश सहित अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। मार्च में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 1200 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट कोर्ट में पेश की, जिसमें हत्या की साजिश और सड़क निर्माण घोटाले से जुड़े कई तथ्य सामने आए। इसके बाद सरकार ने सुरेश के सभी ठेके और पंजीकरण रद्द कर दिए।
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