
Raipur:केदार कश्यप विवाद में कूदे मरकाम: कांग्रेस पर आदिवासी नेतृत्व को बदनाम करने का आरोप
रायपुर, 8 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है, जब बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री केदार कश्यप के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मोहन मरकाम ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मरकाम ने कांग्रेस पर आदिवासी नेतृत्व को बदनाम करने का गंभीर आरोप लगाया और इसे “स्क्रिप्टेड नौटंकी” करार दिया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और दीपक बैज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की नसीहत दी।

क्या है विवाद की जड़?
केदार कश्यप, जो छत्तीसगढ़ में बीजेपी के प्रमुख आदिवासी चेहरों में से एक हैं, हाल ही में कुछ विवादास्पद बयानों और कथित घटनाओं को लेकर चर्चा में आए। कांग्रेस नेताओं ने कश्यप पर आदिवासी समुदाय के खिलाफ असंवेदनशील रवैया अपनाने और सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगाए। इन आरोपों ने राज्य की राजनीति में एक नया तूफान खड़ा कर दिया, जिसके बाद मरकाम ने कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए।

मरकाम ने कहा, “केदार कश्यप के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार और राजनीति से प्रेरित हैं। यह कांग्रेस की साजिश है, जिसके तहत वे आदिवासी नेतृत्व को बदनाम करना चाहते हैं। यह एक स्क्रिप्टेड नौटंकी है, जिसका मकसद बीजेपी के मजबूत आदिवासी आधार को कमजोर करना है।”
कांग्रेस पर तीखा हमला
मोहन मरकाम ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं, खासकर भूपेश बघेल और दीपक बैज पर निशाना साधते हुए कहा कि वे आदिवासी समुदाय के हितों की आड़ में अपनी राजनीति चमका रहे हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन उनके उत्थान के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। अब जब बीजेपी आदिवासी नेतृत्व को मजबूत कर रही है, तो वे बौखला गए हैं।”
मरकाम ने भूपेश बघेल और दीपक बैज को नसीहत देते हुए कहा, “उन्हें इस तरह की सस्ती राजनीति बंद करनी चाहिए और आदिवासी समुदाय से माफी मांगनी चाहिए। उनकी इस नौटंकी से न केवल आदिवासी नेतृत्व, बल्कि पूरे समुदाय का अपमान हुआ है।”
केदार कश्यप का पक्ष
केदार कश्यप ने भी इस विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा कि वे इन आरोपों से विचलित नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस उनकी बढ़ती लोकप्रियता और आदिवासी समुदाय में उनके प्रभाव को कम करने के लिए यह सब कर रही है। कश्यप ने कहा, “मैंने हमेशा आदिवासी समुदाय के लिए काम किया है और आगे भी करता रहूंगा। ये आरोप मेरे खिलाफ नहीं, बल्कि उस विचारधारा के खिलाफ हैं, जो आदिवासियों को सशक्त बनाना चाहती है।”
कांग्रेस का जवाब
कांग्रेस की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, पार्टी इस मुद्दे को और तूल देने की तैयारी में है। कुछ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मरकाम का बयान बीजेपी की हताशा को दर्शाता है, क्योंकि उनकी पार्टी आदिवासी समुदाय के बीच अपनी पकड़ खो रही है।
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