
रायपुर का High Profile Drug Racket : VIP List आते ही कार्रवाई धीमी, पुलिस पर सवाल
राजधानी रायपुर का हाईप्रोफाइल ड्रग्स रैकेट पुलिस और प्रशासन के लिए लगातार चुनौती बन रहा है। हाल ही में पकड़े गए आरोपियों से जिन वीआईपी ग्राहकों की लिस्ट निकलकर सामने आई, उन्हें लेकर अब पुलिस की कार्रवाई धीमी पड़ गई है।

आरोप है कि इस वजह से कई बड़े रसूखदार नाम – जिनमें विधायक पुत्र, पूर्व मंत्री, कारोबारी और होटल-क्लब संचालक शामिल हैं – कार्रवाई से बचते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
अब तक पुलिस ने मुख्य आरोपी नव्या मलिक और उसके साथियों को जेल भेजा है। लेकिन उनके पास से मिली सूचना और बैंक लेन-देन के आधार पर ड्रग्स खरीदने वाले वीआईपी कंज्यूमरों पर कोई ठोस एक्शन नहीं हुआ। सूत्रों के मुताबिक, इसमें कई बड़े कारोबारी परिवारों और नेताओं के बच्चों के नाम सामने हैं।
इससे सवाल उठ रहे हैं कि कहीं पुलिस पर दबाव तो नहीं है? क्या प्रभावशाली लोगों के नाम आने की वजह से जांच को धीमी कर दिया गया है?
ड्रग्स पार्टी और होटल-क्लब का कनेक्शन
इस रैकेट का नेटवर्क होटल और क्लब संचालकों से भी जुड़ा हुआ है। आरोपी विधि अग्रवाल ने करीब एक साल पहले रायपुर की वीआईपी रोड स्थित एक होटल में ड्रग्स पार्टी का आयोजन किया था।
क्राइम ब्रांच की टीम को पार्टी में ड्रग्स सप्लाई की सूचना मिली थी। हालांकि, रैकेट का डिस्ट्रीब्यूटर भनक लगने पर मौके पर नहीं पहुंचा और टीम को वापस लौटना पड़ा। इसके बाद विधि अग्रवाल ने सीधे होटल संचालकों और मैनेजरों से संपर्क कर पार्टियां आयोजित करना शुरू कर दिया।
कारोबारी और नेताओं से जुड़े पैसे के लेन-देन
जांच में सामने आया है कि दो कार कारोबारियों ने ड्रग्स खरीदने के लिए नव्या के खाते में लाखों रुपए ट्रांसफर किए थे। लेकिन पुलिस ने इन्हें पहले ही दिन छोड़ दिया। इसी तरह विधायक पुत्र और उसके दोस्तों के लाखों रुपए का ट्रांजेक्शन भी नव्या मलिक के बैंक खाते में मिला है।
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