
Raipur: ITBP जवानों की सर्विस रिवाल्वर, मैगजीन और जिंदा कारतूस चोरी, GRP ने 36 घंटे में चोर को दबोचा
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसमें हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस ट्रेन में इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों का हथियारों से भरा बैग चोरी हो गया। बैग में दो सर्विस रिवाल्वर, तीन मैगजीन और 24 जिंदा कारतूस थे। रेलवे पुलिस (GRP) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 36 घंटे के भीतर चोर को गिरफ्तार कर लिया और चोरी का सामान बरामद कर लिया। इस घटना ने रेलवे और सुरक्षा बलों की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए हैं।

क्या हुआ था घटनाक्रम?
घटना 4 अगस्त को हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस के जनरल कोच में हुई। ITBP के सहायक उप-निरीक्षक (ASI) योगेंद्र प्रसाद ओझा, जो बिहार के भोजपुर जिले के कटेया गांव के निवासी हैं, रांची से दुर्ग की यात्रा कर रहे थे। उनके बैग में दो 9 एमएम पिस्तौल, तीन खाली मैगजीन, 24 जिंदा कारतूस और कुछ अन्य सामान था। बिलासपुर के पास चलती ट्रेन में उनका बैग चोरी हो गया। ओझा ने तुरंत बिलासपुर जीआरपी थाने में प्राथमिकी दर्ज की।
जीआरपी की त्वरित कार्रवाई
रायपुर जीआरपी की टीम ने इंस्पेक्टर राकेश कुमार वर्मा और एसपी श्वेता सिन्हा के नेतृत्व में तुरंत जांच शुरू की। चांपा से भाटापारा तक के स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, और बिलासपुर स्टेशन की फुटेज की भी जांच की गई। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर 36 घंटे के भीतर आरोपी रंजीत मरकाम को बलौदाबाजार जिले के खम्हरिया गांव से गिरफ्तार कर लिया गया। रंजीत के पास से चोरी गई दोनों पिस्तौल, तीन मैगजीन, 24 जिंदा कारतूस और अन्य सामान बरामद कर लिया गया।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, 24 वर्षीय रंजीत मरकाम का कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, लेकिन उसने चोरी की इस घटना को अंजाम दिया। प्रारंभिक पूछताछ में रंजीत ने बताया कि उसने अवसर का फायदा उठाकर बैग चुराया, लेकिन हथियारों के उपयोग की उसकी कोई योजना नहीं थी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या रंजीत का कोई अन्य मकसद था या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।
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