
Chhattisgarh शराब घोटाला: भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की रिमांड 15 सितंबर तक बढ़ी
रायपुर, 6 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले का मामला दिन-ब-दिन गरमाता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल पर 16.70 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का गंभीर आरोप लगा है। कोर्ट ने शुक्रवार को चैतन्य की न्यायिक रिमांड को 15 सितंबर तक बढ़ा दिया है। चैतन्य पिछले दो महीने से जेल की सलाखों के पीछे हैं, और यह मामला राज्य की राजनीति में भूचाल ला रहा है।

शराब घोटाले की पृष्ठभूमि: अवैध कारोबार का काला चेहरा
छत्तीसगढ़ में शराब के अवैध व्यापार को लेकर चला आ रहा यह घोटाला करोड़ों रुपये का है। जांच एजेंसियों के अनुसार, राज्य सरकार के दौरान शराब के ठेकों में भारी अनियमितताएं की गईं। चैतन्य बघेल पर आरोप है कि उन्होंने अपने पिता के राजनीतिक प्रभाव का फायदा उठाकर शराब के व्यापार में मनी लॉन्ड्रिंग की। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दावा किया है कि 16.70 करोड़ रुपये की रकम को सफेद धन के रूप में बदला गया। यह घोटाला 2023 में सामने आया था, जब भूपेश बघेल की सरकार सत्ता से बाहर हुई। विपक्षी दल भाजपा ने इसे भ्रष्टाचार का प्रतीक बताते हुए लगातार हमला बोला है।

चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी: दो महीने की कैद की दास्तान
चैतन्य बघेल को जुलाई 2025 में ईडी ने गिरफ्तार किया था। शुरुआती पूछताछ के बाद उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया। पिछले दो महीनों से वे जेल में बंद हैं, और इस दौरान उनकी सेहत को लेकर भी सवाल उठे हैं। चैतन्य ने कोर्ट में दावा किया कि यह राजनीतिक साजिश है, लेकिन जांच एजेंसियां सबूत पेश कर रही हैं। परिवार ने कहा है कि चैतन्य निर्दोष हैं और जल्द ही बरी हो जाएंगे। हालांकि, कोर्ट ने उनकी रिमांड बढ़ाने का फैसला सुनाते हुए कहा कि जांच पूरी होने तक कोई छूट नहीं दी जा सकती।
मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप: 16.70 करोड़ का काला खेल
मुख्य आरोप मनी लॉन्ड्रिंग का है। ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक, चैतन्य ने शराब के ठेकों से कमाई गई काली कमाई को प्रॉपर्टी और अन्य निवेशों में लगाया। 16.70 करोड़ रुपये की यह राशि विभिन्न बैंक खातों और संपत्तियों से बरामद की गई है। जांच में कई दस्तावेज और गवाहों के बयान सामने आए हैं, जो चैतन्य की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं। भूपेश बघेल ने इस मामले को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है, लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि कानून सबके लिए बराबर है।
राजनीतिक प्रभाव: भूपेश बघेल पर बढ़ा दबाव
यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लिए राजनीतिक संकट बन गया है। कांग्रेस पार्टी ने इसे भाजपा की साजिश करार दिया है, जबकि भाजपा नेता कह रहे हैं कि भ्रष्टाचार पर कोई रहम नहीं होगा। राज्य में आगामी चुनावों को देखते हुए यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है। चैतन्य के वकील ने अपील की है कि रिमांड न बढ़ाई जाए, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। अब 15 सितंबर तक चैतन्य जेल में ही रहेंगे, और जांच आगे बढ़ेगी।
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