
Sarguja में बांध टूटने से 30 एकड़ फसल बर्बाद, ग्रामीणों में दहशत
सरगुजा, छत्तीसगढ़ (6 सितंबर 2025, 3:21 PM): छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। लुंड्रा विकासखंड के ग्राम पंचायत गेरसा में शनिवार सुबह गेरसा बांध के टूटने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बांध के टूटने से नीचे की ओर लगभग 30 एकड़ की फसल पानी में डूबकर पूरी तरह खराब होने की आशंका है। इस घटना ने न केवल किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया, बल्कि आसपास के गांवों में भी अफरातफरी का माहौल है।

कैसे हुई घटना?
जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की नदियों और नालों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया था। शनिवार सुबह करीब 9 बजे, जब कुछ चरवाहे अपने मवेशियों को चराने के लिए जंगल की ओर जा रहे थे, तभी उन्हें पानी की तेज आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि बांध के एक साइड गेट के पास मिट्टी में सुराख बन गया था। तेज जल प्रवाह के कारण यह सुराख धीरे-धीरे बढ़ता गया और देखते ही देखते लगभग 3 मीटर चौड़ा हो गया। इसके बाद बांध का एक हिस्सा पूरी तरह ढह गया, जिससे भारी मात्रा में पानी नीचे की ओर बह निकला।
पानी के तेज बहाव ने आसपास के खेतों को जलमग्न कर दिया। धान, मक्का और अन्य फसलों से लहलहाते खेत अब पानी के नीचे डूब चुके हैं। किसानों का कहना है कि इस आपदा ने उनकी कई महीनों की मेहनत को एक झटके में बर्बाद कर दिया। स्थानीय किसान रामलाल ने बताया, “हमारी सारी उम्मीदें इस फसल पर टिकी थीं। अब सब कुछ पानी में बह गया। सरकार को तुरंत मदद करनी चाहिए।”
प्रशासन और सिंचाई विभाग का रवैया
घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर ने प्रभावित किसानों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। हालांकि, सिंचाई विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन पानी की अधिकता और तेज बहाव के कारण तत्काल कोई ठोस बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका। अधिकारियों का कहना है कि पानी का स्तर कम होने के बाद ही बांध की मरम्मत या पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया जा सकेगा।
ग्रामीणों में आक्रोश, मुआवजे की मांग
बांध टूटने की घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि बांध की देखरेख और रखरखाव में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण यह हादसा हुआ। कई ग्रामीणों ने प्रशासन पर बांध की समय-समय पर जांच न करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा दिया जाए और बांध की मरम्मत जल्द से जल्द शुरू की जाए।

एक स्थानीय निवासी श्यामलाल ने कहा, “हर साल बारिश में बांध कमजोर होता है, लेकिन कोई ध्यान नहीं देता। अब हमारी फसलें बर्बाद हो गईं, तो कौन जिम्मेदार है? सरकार को हमें नुकसान का मुआवजा देना चाहिए।”
प्राकृतिक आपदा का असर
लगातार बारिश और बांध टूटने की घटना ने सरगुजा जिले के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में आवागमन प्रभावित हुआ है। कुछ निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को अपने घरों से निकलने में भी दिक्कत हो रही है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है, जिसके चलते स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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