
Sarguja: दूसरी कक्षा की छात्रा को 100 बार उठक-बैठक की सजा, अस्पताल में भर्ती
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के प्रतापगढ़ स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली आठ साल की मासूम छात्रा को टीचर ने 100 बार उठक-बैठक की सजा दी, जिसके बाद बच्ची की हालत बिगड़ गई। उसे अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस घटना ने स्कूलों में बच्चों के साथ होने वाले अमानवीय व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, सीतापुर ब्लॉक के प्रतापगढ़ डीएवी पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा समृद्धि गुप्ता (8 वर्ष) शुक्रवार को टॉयलेट जाने के लिए कक्षा से बाहर निकली थी। इस दौरान कक्षा की टीचर नम्रता गुप्ता ने उसे मोबाइल चलाते हुए देखा और टॉयलेट जाने का कारण पूछा। समृद्धि ने बताया कि वह टॉयलेट जा रही है, लेकिन टीचर ने उसकी बात अनसुनी कर दी। आरोप है कि टीचर ने बच्ची को दो डंडे मारे और कक्षा में लाकर 100 बार उठक-बैठक करने की सजा दे दी।

बच्ची की हालत गंभीर
सजा पूरी करने के बाद समृद्धि के पैरों में तेज दर्द शुरू हो गया और घुटनों के नीचे सूजन आ गई। बच्ची की हालत बिगड़ने पर परिजनों को सूचित किया गया, जिन्होंने उसे तुरंत अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि अत्यधिक शारीरिक दबाव के कारण बच्ची के मसल्स में क्रैक आ गए हैं, जिसके चलते वह अपने पैरों पर खड़ी होने में असमर्थ है। डॉक्टरों ने बच्ची को आराम और इलाज की सलाह दी है।

परिजनों का गुस्सा और आरोप
समृद्धि के पिता मनोज गुप्ता ने स्कूल प्रशासन और टीचर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जिसके कारण उसकी जान को खतरा हो सकता था। मनोज ने बताया कि उनकी बेटी डरी हुई है और मानसिक रूप से भी आहत है। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन और टीचर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा और सम्मान के लिए कोई ठोस नीति नहीं है।
स्कूल प्रशासन की चुप्पी
घटना के बाद स्कूल प्रशासन ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर गुस्सा है और वे स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कुछ अभिभावकों ने स्कूलों में शारीरिक दंड को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की मांग उठाई है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने टीचर नम्रता गुप्ता और स्कूल प्रबंधन से पूछताछ शुरू की है। साथ ही, शिक्षा विभाग को भी इस मामले की सूचना दी गई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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