
7 September को खून के रंग से सना दिखेगा चांद, साल का आखिरी चंद्रग्रहण होगा 3.29 घंटे का
ब्लड मून के नाम से जाना जाएगा यह ग्रहण, भारत सहित कई देशों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा
सितंबर 2025 का यह महीना खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। 7 सितंबर की रात को साल का दूसरा और अंतिम पूर्ण चंद्रग्रहण लगेगा, जो लगभग 3 घंटे 29 मिनट तक चलेगा। यह ग्रहण भारत समेत कई देशों में पूरी तरह मौजूद रहेगा और स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

चंद्रग्रहण का वैज्ञानिक और ज्योतिषीय विवरण
- चंद्रग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है।
- इस दौरान चंद्रमा लाल रंग में दिखाई देता है, जिसे ब्लड मून (Blood Moon) कहा जाता है।
- ग्रहण का सूतक काल पूरे भारत में माना जाएगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान पूजा-पाठ, शुभ कार्य, यात्रा और भोजन से परहेज किया जाता है।
ग्रहण की अवधि और प्रभाव
- ग्रहण लगभग 3 घंटे 29 मिनट तक रहेगा।
- ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इसका प्रभाव केवल व्यक्तिगत जीवन पर ही नहीं, बल्कि देश और समाज पर भी पड़ेगा।
- पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, अकाल जैसी प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बढ़ सकती है।
- राजनीतिक असमानता और अस्थिरता के संकेत भी मिल सकते हैं।

ग्रहण काल में क्या न करें?
- खाना बनाना या खाना न करें।
- भगवान की मूर्तियों को स्पर्श न करें।
- ग्रहण काल में सोने से बचें।
- गर्भवती महिलाएं घर से बाहर न निकलें।
- नुकीले औजारों का इस्तेमाल न करें।
- नकारात्मक ऊर्जा वाली जगहों से दूर रहें।
ग्रहण काल में क्या करें?
- भगवान के मंत्रों का जाप करें।
- ध्यान, साधना और शांति की प्रैक्टिस करें।
- जरूरतमंदों को दान दें।
- तुलसी के पत्ते भोजन और जल में उपयोग करें।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान-पुण्य करें।
- मंदिरों में जाकर भगवान के दर्शन करें।
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