
Jagdalpur में 14 वर्षीय बालक की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने Postmortem में देरी का आरोप लगाया
जगदलपुर (बस्तर): बस्तर जिले के नानगुर गांव में रविवार, 31 अगस्त 2025 को एक दुखद घटना ने सबको हिला कर रख दिया। 14 वर्षीय बालक किशोर की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई, जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किशोर अपने पिता लोकेनाथ नाग के साथ नानगुर गांव में रहता था। बताया जा रहा है कि रविवार की सुबह किशोर का शव उसके घर के पास एक तालाब के किनारे मिला। परिजनों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई नहीं की। किशोर के पिता लोकेनाथ ने बताया, “मेरे बेटे की मौत के बाद भी पुलिस ने देर तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पोस्टमार्टम में देरी और लापरवाही से हम दुखी हैं।”
परिजनों का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि किशोर की मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और स्थानीय पुलिस ने इसकी गहन जांच शुरू नहीं की। उन्होंने कहा कि किशोर के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे संदेह और गहरा गया है। परिजनों का दावा है कि किशोर को किसी ने जानबूझकर नुकसान पहुंचाया हो सकता है। मृतक के चाचा नागा (62 वर्ष) ने बताया, “हमारे परिवार को इस घटना से गहरा सदमा लगा है। पुलिस को चाहिए कि वह इस मामले की निष्पक्ष जांच करे और दोषियों को सजा दिलाए।”
पुलिस की कार्रवाई
स्थानीय पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। थाना प्रभारी ने कहा, “हमें सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।” हालांकि, परिजनों का कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई में लापरवाही दिख रही है और वे इस मामले में उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी में हैं।
सामुदायिक स्वास्थ केंद्र का रुख
नानगुर के सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में किशोर के शव का पोस्टमार्टम किया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम में अनावश्यक देरी की गई, जिससे उनकी परेशानी बढ़ी। एक परिजन ने कहा, “हमने प्रधानी और अन्य अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला।”
प्रशासन का रुख
जिला प्रशासन ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। जिला कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।”

ग्रामीणों का आक्रोश
घटना के बाद नानगुर गांव में ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने सड़कों पर प्रदर्शन किया और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



