
pendra में पत्नी की हत्या के मामले में पति को आजीवन कारावास की सजा
पेंड्रा, 4 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में एक दिल दहला देने वाली घटना में, अवैध संबंध के शक में अपनी पत्नी की चाकू मारकर हत्या करने वाले आरोपी पति को अपर सत्र न्यायाधीश (एडीजे) कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती ज्योति अग्रवाल ने सुनाया, जिसमें आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एक्ट की धारा 103(1) के तहत दोषी ठहराया गया। इसके साथ ही दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है, और अर्थदंड का भुगतान न करने की स्थिति में तीन माह की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।

घटना का विवरण
यह मामला 20 जुलाई 2024 का है, जो पेंड्रा थाना क्षेत्र के गिरारी गांव में हुआ। आरोपी जमील खान, पिता लतीफ खान, और उसकी पत्नी जुबेदा बेगम के बीच वैवाहिक जीवन में तनाव था। दोनों का तलाक नहीं हुआ था, लेकिन जुबेदा अपने पति से अलग रह रही थी। घटना के दिन जुबेदा गिरारी गांव में अशोक सेन के घर पर थी। इसी दौरान जमील खान वहां पहुंचा और उसने अपनी पत्नी पर अवैध संबंध का शक जताते हुए चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन तब तक जुबेदा की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। हत्या को अंजाम देने के बाद जमील खान मौके से फरार हो गया। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया
घटना के बाद पेंड्रा थाना पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। पुलिस ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि हत्या का कारण जमील का अपनी पत्नी पर अवैध संबंध का शक था, जिसके चलते उसने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय, पेंड्रारोड में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने प्रभावी पैरवी की। उन्होंने कोर्ट के समक्ष पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए, जिसके आधार पर न्यायाधीश ने जमील खान को दोषी करार दिया।
कोर्ट का फैसला
अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती ज्योति अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी जमील खान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि यदि जमील अर्थदंड का भुगतान करने में विफल रहता है, तो उसे तीन माह की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।

सामाजिक प्रभाव और सबक
इस घटना ने स्थानीय समुदाय में हड़कंप मचा दिया और वैवाहिक रिश्तों में विश्वास की कमी और शक के गंभीर परिणामों को उजागर किया। यह मामला समाज के लिए एक सबक है कि शक और गलतफहमी को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए, न कि हिंसा का सहारा लेना चाहिए।
पेंड्रा पुलिस और न्यायिक प्रणाली की त्वरित कार्रवाई ने यह सुनिश्चित किया कि पीड़िता को न्याय मिले और अपराधी को सजा दी जाए। इस फैसले से क्षेत्र में कानून के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।
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