
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो Torlance की नीति:CBI ने एनआईए अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर 2024: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के एक वरिष्ठ अधिकारी और उसके दो एजेंटों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एनआईए की पटना शाखा से संबंधित एक मामले में की गई, जिसमें एक शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। सीबीआई ने एनआईए प्राधिकरणों के साथ मिलकर इस अभियान को अंजाम दिया, जिसमें पटना शाखा के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) अजय प्रताप सिंह और उनके दो सहयोगियों को 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।

घटना की पृष्ठभूमि
यह कार्रवाई तब हुई जब एक शिकायतकर्ता ने सीबीआई को सूचना दी कि एनआईए पटना शाखा के एक अधिकारी, जो जांच प्रक्रिया में शामिल थे, भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रमणिया कंस्ट्रक्शन के मालिक रॉकी यादव ने एनआईए की जांच के दौरान भ्रष्टाचारपूर्ण गतिविधियों में शामिल होकर गलत तरीके से फायदा उठाया। शिकायत के आधार पर सीबीआई ने गहन जांच शुरू की और एनआईए की गतिविधियों की पुष्टि की। इसके बाद, सीबीआई ने एक जाल (ट्रैप) बिछाया और सटीक समय पर कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारियों को पकड़ लिया।
कार्रवाई का विवरण
सीबीआई ने शिकायत की सत्यता की जांच के बाद एनआईए पटना शाखा के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की योजना बनाई। 3 अक्टूबर 2024 को, एक सुनियोजित ऑपरेशन में, सीबीआई ने डीएसपी अजय प्रताप सिंह और उनके दो एजेंटों को रिश्वत के 20 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। यह राशि एक मामले की जांच को प्रभावित करने और शिकायतकर्ता पर दबाव डालने के लिए मांगी गई थी। इस दौरान सीबीआई ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की, ताकि सबूतों की अखंडता बनी रहे।

आगे की जांच
सीबीआई ने इस मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, यह भ्रष्टाचार का एक संगठित नेटवर्क हो सकता है, जिसमें अन्य अधिकारी या बाहरी लोग भी शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसी अब इस रिश्वतखोरी के स्रोत और इसके विस्तार की पड़ताल कर रही है। साथ ही, एनआईए के आंतरिक सिस्टम में भी सुधार की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सरकार की प्रतिक्रिया
सरकार ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एनआईए जैसे संगठनों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। साथ ही, दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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