
Raipur में बड़ा खुलासा: निजी मेडिकल कॉलेजों में घूसखोरी का जाल
रायपुर, 3 सितंबर 2025: निजी मेडिकल कॉलेजों को मान्यता देने के बदले घूस लेने के बड़े घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अदालत में चालान पेश कर दिया है। इस 135 पेज के आरोप पत्र में रावतपुरा मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन रविशंकर महाराज (जिन्हें रावतपुरा सरकार के नाम से भी जाना जाता है) और कॉलेज के डायरेक्टर अतुल तिवारी के बीच व्हाट्सएप चैट का जिक्र है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।786146 इस चैट में रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) के चेयरमैन संजय शुक्ला और रायपुर मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अतिन कुंडू का नाम भी सामने आया है, जो इस मामले से सीधे जुड़े बताए जा रहे हैं।

यह घोटाला देश के मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े स्कैंडलों में से एक है, जिसमें CBI ने जुलाई 2025 में देशभर के 35 से अधिक लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी।8d8f63 जांच में पता चला कि नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के अधिकारियों, पूर्व UGC चेयरमैन डीपी सिंह और कई निजी कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने मिलकर फर्जी इंस्पेक्शन और ब्राइबरी का जाल बिछाया था।52c218 कुल मिलाकर 40 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज इस घोटाले में शामिल पाए गए, और अनुमानित रूप से 1300 करोड़ रुपये की घूसखोरी का खुलासा हुआ है।
अतुल तिवारी जेल में बंद, 55 लाख की घूस का आरोप
रावतपुरा मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर अतुल तिवारी वर्तमान में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। CBI के आरोप पत्र में स्पष्ट रूप से जिक्र है कि कॉलेज की मान्यता के लिए आए इंस्पेक्शन टीम के सदस्यों को 55 लाख रुपये की घूस हवाला के माध्यम से दी गई थी। यह रकम कॉलेज की मान्यता सुनिश्चित करने के लिए तय की गई थी। अतुल तिवारी उन 6 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें CBI ने पहले ही गिरफ्तार किया है।85c11a जांच एजेंसी ने इस मामले में फर्जी डॉक्टरों और फर्जी मरीजों का इस्तेमाल कर इंस्पेक्शन पास करने की साजिश का भी पर्दाफाश किया है, विशेष रूप से रायपुर मेडिकल कॉलेज में।
व्हाट्सएप चैट में घूस की रकम तय करने का खुलासा
आरोप पत्र का सबसे सनसनीखेज हिस्सा रविशंकर महाराज और अतुल तिवारी के बीच का व्हाट्सएप चैट है। इस चैट में महाराज द्वारा घूस की रकम तय करने की बात सामने आई है। चैट में संजय शुक्ला और डॉ. अतिन कुंडू का जिक्र भी है, जो इस साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। CBI ने इन चैट्स को सबूत के रूप में पेश किया है, जो अब वायरल होकर पूरे मामले को और ज्यादा चर्चा में ला रहा है। रावतपुरा महाराज, जो एक स्वयंभू संत के रूप में जाने जाते हैं, इस घोटाले में ब्राइबरी के मुख्य सूत्रधार बताए जा रहे हैं।

घोटाले का व्यापक दायरा: देशभर में 40 से ज्यादा कॉलेज शामिल
यह घोटाला केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है। CBI की जांच में पता चला कि मेडिकल कॉलेजों की मान्यता के लिए फर्जी इंस्पेक्शन रिपोर्ट तैयार की जाती थीं, जिसमें फर्जी मरीजों और डॉक्टरों को दिखाया जाता था।जुलाई में CBI ने कई शहरों में छापेमारी की, जिसमें रावतपुरा सरकार की भूमिका भी उजागर हुई। FIR में नामित 35 लोगों में से कई पूर्व सरकारी अधिकारी और कॉलेज संचालक शामिल हैं।b1a5f0 इस स्कैंडल ने मेडिकल शिक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और स्वास्थ्य मंत्रालय तथा NMC की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
गिरफ्तारी की तलवार लटकी, आगे क्या?
FIR में रावतपुरा महाराज, संजय शुक्ला, डॉ. अतिन कुंडू, अतुल तिवारी और दो अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। इन पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। CBI की टीम आगे की जांच में और ज्यादा सबूत जुटा रही है, और उम्मीद है कि जल्द ही अन्य गिरफ्तारियां होंगी। इस मामले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है।
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