
Chhattishgarh के कबीरधाम में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 2 क्विंटल गांजा जब्त, दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रायपुर से दिल्ली जा रहे एक ट्रक में छिपाए गए लगभग 2 क्विंटल (200 किलोग्राम) गांजे को जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। इस तस्करी के लिए ट्रक में एक विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया गुप्त चेंबर बनाया गया था, जो इतनी सावधानी से वाहन की बॉडी के नीचे छिपाया गया था कि सामान्य जांच में इसका पता लगाना लगभग असंभव था। इस मामले में दो अंतरराज्यीय गांजा तस्करों, ईश्वर सिंह (हरियाणा) और रामू सिंह परमार (राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया है।

मुखबिर की सूचना पर शुरू हुई कार्रवाई
कबीरधाम जिला पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि रायपुर से दिल्ली की ओर जा रहे एक ट्रक में भारी मात्रा में गांजा तस्करी की जा रही है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और कवर्धा क्षेत्र में नाकाबंदी कर ट्रकों की सघन जांच शुरू की। जांच के दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोका गया, जिसके निरीक्षण में पुलिस को कुछ असामान्य संकेत मिले। सामान्य तलाशी में कुछ नहीं मिला, लेकिन पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच से ट्रक के नीचे एक गुप्त चेंबर का पता चला।
गुप्त चेंबर: तस्करी का नया तरीका
पुलिस ने पाया कि ट्रक की बॉडी के नीचे एक विशेष रूप से बनाया गया गुप्त चेंबर था, जिसमें 200 किलोग्राम गांजा छिपाया गया था। इस चेंबर को इतनी चतुराई से डिज़ाइन किया गया था कि इसे खोलने के लिए क्रेन की सहायता लेनी पड़ी। इस तरह का गुप्त डिब्बा तस्करों की नई रणनीति को दर्शाता है, जो पुलिस की नजरों से बचने के लिए अत्याधुनिक तरीकों का उपयोग कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के गुप्त चेंबर का उपयोग गांजा तस्करी में पहली बार देखा गया है, जो तस्करों की बढ़ती सावधानी और तकनीकी दक्षता को दर्शाता है।
आरोपियों का कबूलनामा
गिरफ्तार किए गए तस्करों, ईश्वर सिंह और रामू सिंह परमार, से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। दोनों ने कबूल किया कि वे इस ट्रक का उपयोग पहले भी कई बार गांजा तस्करी के लिए कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि यह गांजा उड़ीसा के जंगलों से लाया गया था और इसे दिल्ली में विभिन्न डीलरों तक पहुंचाने की योजना थी। तस्करों ने यह भी खुलासा किया कि वे एक बड़े अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो उड़ीसा, छत्तीसगढ़, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में सक्रिय है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच को और गहरा कर रही है।

पुलिस का विशेष अभियान
छत्तीसगढ़ पुलिस नशीली दवाओं की तस्करी को रोकने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। कबीरधाम जिले में यह कार्रवाई पुलिस के विशेष अभियान “नशा मुक्त छत्तीसगढ़” का हिस्सा है, जिसके तहत पुलिस नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अभियान के तहत न केवल तस्करों को पकड़ा जा रहा है, बल्कि नशे की लत से पीड़ित लोगों को जागरूक करने और पुनर्वास के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान भी शुरू किए हैं, ताकि युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके।
कानूनी कार्रवाई और भविष्य की योजना
गिरफ्तार तस्करों के खिलाफ नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और इसकी गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या अन्य वाहनों में भी इसी तरह के गुप्त चेंबर का उपयोग किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक कबीरधाम ने बताया कि इस तरह की कार्रवाइयां नशा तस्करों के लिए एक सख्त संदेश हैं कि छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं की तस्करी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नशा मुक्त समाज की दिशा में एक कदम
यह कार्रवाई न केवल कबीरधाम पुलिस की सतर्कता और समर्पण को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि छत्तीसगढ़ पुलिस नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। इस तरह की सफलता से नशा तस्करों में खौफ पैदा होगा और समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि वे नशे की तस्करी या नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सके।
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