
Ambikapur जनपद पंचायत के CEO पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप: कमीशन और अवैध वसूली का मामला सुर्खियों में
अंबिकापुर, 03 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) आरएस सेंगर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। सब इंजीनियर रावेंद्र यादव और खलिबा ग्राम पंचायत की महिला सरपंच के पति गंगाराम ने सीईओ पर कमीशन मांगने, ठेकेदारी करने और घटिया निर्माण कार्यों को मंजूरी देने के लिए दबाव बनाने जैसे सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। इन शिकायतों ने स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

सब इंजीनियर का पत्र: सीईओ पर गंभीर इल्जाम
सब इंजीनियर रावेंद्र यादव ने पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू), रायपुर को पत्र लिखकर सीईओ आरएस सेंगर पर कई गंभीर आरोप लगाए। रावेंद्र ने बताया कि वे 30 अप्रैल 2025 से अंबिकापुर जनपद पंचायत में कार्यरत हैं और 51 ग्राम पंचायतों में 240 निर्माण कार्यों के तकनीकी मार्गदर्शन, मूल्यांकन और सर्टिफिकेट जारी करने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके अलावा, वे लब्जी और रनपुरकला में 316 प्रधानमंत्री आवास योजना के तकनीकी कार्यों की देखरेख भी कर रहे हैं।

रावेंद्र ने आरोप लगाया कि कलेक्टर द्वारा निरीक्षण के दौरान पारदर्शिता और कमीशन न लेने की बात कही जाती है, लेकिन कलेक्टर के जाने के बाद सीईओ सेंगर उनके नाम पर 10 प्रतिशत कमीशन की मांग करते हैं। उन्होंने दावा किया कि सीईओ स्वयं कई कार्यों में ठेकेदारी करते हैं और अधूरे या घटिया निर्माण कार्यों को पूर्ण घोषित करने का दबाव बनाते हैं। इसके साथ ही, निर्माण सामग्री केवल पूर्व निर्धारित दुकानों से लेने की बाध्यता थोपी जाती है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होती है। परेशान होकर रावेंद्र ने अपने निलंबन की मांग की और सीईओ की संपत्ति की जांच ईओडब्ल्यू से कराने की अपील की।
सरपंच पति का वीडियो: 20% कमीशन की मांग
खलिबा ग्राम पंचायत की महिला सरपंच के पति गंगाराम ने एक वीडियो जारी कर सीईओ पर और भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि कलेक्टर ने उनकी पंचायत में 20 लाख रुपये की लागत से सीसी सड़क निर्माण की स्वीकृति दी थी और स्पष्ट निर्देश दिए थे कि काम उच्च गुणवत्ता का हो और किसी को कमीशन न दिया जाए। लेकिन, सीईओ सेंगर ने पंचायत सचिव के माध्यम से 20 प्रतिशत कमीशन की मांग की। गंगाराम ने दावा किया कि कमीशन न देने पर सीईओ ने सड़क की गुणवत्ता को खराब बताकर उसे तोड़ने की धमकी दी।
सीईओ का जवाब: आरोपों को बताया निराधार
इन आरोपों पर सीईओ आरएस सेंगर ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर उन्होंने सब इंजीनियर रावेंद्र को प्रधानमंत्री आवास योजना के मूल्यांकन का काम सौंपा था, लेकिन रावेंद्र ने इसे पूरा नहीं किया। सेंगर ने दावा किया कि रावेंद्र पहले भी लुंड्रा में निलंबन का सामना कर चुके हैं और उनके सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
जांच की मांग तेज
इस मामले ने अंबिकापुर में भारी हंगामा खड़ा कर दिया है। सब इंजीनियर और सरपंच पति के आरोपों ने जनपद पंचायत में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों की ओर इशारा किया है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।
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