
Chhattishgarh उच्च न्यायालय ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की कोरबा शाखा द्वारा दाखिल याचिका को खारिज कर दिया है
मामला क्या था
आईएमए कोरबा शाखा ने अनुच्छेद 226 के तहत याचिका दायर की थी, जिसमें कोरबा क्षेत्र की बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट फैसिलिटी के टेंडर को चुनौती दी गई थी। उनका तर्क था कि अनुबंध मिलने के बावजूद तय समय में काम शुरू नहीं हुआ और पर्यावरणीय मंजूरी में देरी हो रही है .

याचिका में अदालत से अनुबंध को निरस्त करने, नवीनीकरण रोकने और नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई थी .
अदालत की टिप्पणियाँ
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा व न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की बेंच ने पाया कि IMA कोरबा इसी टेंडर समिति का हिस्सा थी, जिसने इस फैसिलिटी के प्रस्ताव को मंजूरी दी। अतः समिति का सदस्य रहते हुए वह बाद में इस प्रक्रिया को चुनौती नहीं दे सकती .
बेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिका समिति के पूरे IMA की ओर से नहीं, बल्कि कुछ डॉक्टरों की ओर से थी, और प्रक्रिया में उनका विरोध केवल मौखिक था .
अदालत ने कहा कि जब खुद IMA फैसले में शामिल थी तो वह बाद में उसे कानूनन चुनौती नहीं दे सकती .

पर्यावरण अनुमति में देरी
अदालत ने माना कि नवंबर 2019 में दिए गए अनुबंध के बावजूद पर्यावरणीय क्लीरेंस (मंजूरी) लंबित है, जिससे फैसिलिटी का काम शुरू नहीं हो सका .
कोर्ट ने संबंधित प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे जल्द से जल्द पर्यावरण अनुमति की प्रक्रिया पूरी करें, ताकि फैसिलिटी में कार्य समय पर शुरू हो सके .



