
Jharkhand:दुमका में मयूराक्षी नदी में डूबने से चार छात्र लापता, एक का शव बरामद, इलाके में सनसनी
दुमका, 31 अगस्त 2025, सुबह 08:27 IST: झारखंड की उपराजधानी दुमका में मयूराक्षी नदी में डूबने की एक दुखद घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। गुरुवार दोपहर हरिपुर गांव के पास बने बांध में नहाने गए चार छात्रों में से एक का शव बरामद हो चुका है, जबकि तीन अन्य की तलाश अब भी जारी है। इस घटना ने नदी किनारे सुरक्षा इंतजामों की कमी को फिर से उजागर किया है।

घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, चारों छात्र हरिपुर गांव के पास मयूराक्षी नदी के बांध क्षेत्र में मस्ती करने के लिए नहाने गए थे। देर शाम तक उनके घर न लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। रातभर चले तलाशी अभियान के बाद शुक्रवार सुबह स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से एक छात्र, 17 वर्षीय कृष्णा सिंह का शव बरामद किया गया। अन्य तीन छात्र—आर्यन, कृष और एक अन्य—अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश के लिए गोताखोरों की एक विशेष टीम को बुलाया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से छात्रों के कपड़े और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

‘मिनी गोवा’ का खतरनाक सच
मयूराक्षी नदी पर झारखंड सरकार द्वारा बनाया गया बांध कृषि जल आपूर्ति के लिए है, लेकिन इसकी प्राकृतिक सुंदरता के कारण यह क्षेत्र पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच ‘मिनी गोवा’ के नाम से लोकप्रिय हो गया है। बड़ी संख्या में लोग यहां पिकनिक मनाने और नहाने आते हैं। हालांकि, इस खूबसूरती के पीछे छिपा खतरा बार-बार सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले भी डूबने से तीन छात्रों की मौत हो चुकी है, जिनमें से एक का शव आज तक नहीं मिल सका। इसके बावजूद, प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए, जिसके कारण यह त्रासदी और गंभीर हो गई है।
पुलिस की कार्रवाई
जामा थाना प्रभारी अजीत कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, “सूचना मिलते ही तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया था। एक छात्र का शव बरामद हो चुका है, और अन्य लापता छात्रों की तलाश के लिए बाहर से गोताखोरों की टीम बुलाई जा रही है।” पुलिस ने परिजनों के सहयोग से जांच शुरू कर दी है और जल्द से जल्द लापता छात्रों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है। एक ग्रामीण ने गुस्से में कहा, “अगर प्रशासन ने पहले हुई घटनाओं से सबक लिया होता और चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा प्रबंध किए होते, तो शायद यह त्रासदी टल सकती थी।” लोगों का मानना है कि बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के इस क्षेत्र को पिकनिक स्थल के रूप में बढ़ावा देना जानलेवा साबित हो रहा है।
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