
Raipur:नगर पंचायत अध्यक्ष गिरफ्तार, छेड़छाड़ और पेट्रोल डालकर घर जला देने की धमकी का आरोप, समर्थकों ने बाजार बंद कराकर किया चक्काजाम
रायपुर, 30 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ के एक नगर पंचायत अध्यक्ष को पुलिस ने छेड़छाड़ और पेट्रोल डालकर घर जलाने की धमकी देने के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है। इस घटना ने स्थानीय क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है, और अध्यक्ष के समर्थकों ने विरोध में बाजार बंद कराकर चक्काजाम किया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई।

मामले की शुरुआत: छेड़छाड़ का आरोप
पुलिस के अनुसार, नगर पंचायत अध्यक्ष पर एक महिला ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि अध्यक्ष ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और विरोध करने पर पेट्रोल डालकर घर जलाने की धमकी दी। पीड़िता ने तुरंत स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि घटना कुछ दिन पहले की है, जब अध्यक्ष और पीड़िता के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (छेड़छाड़) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या यह मामला व्यक्तिगत रंजिश से जुड़ा है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।

समर्थकों का उग्र विरोध
गिरफ्तारी की खबर फैलते ही नगर पंचायत अध्यक्ष के समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। समर्थकों ने स्थानीय बाजार को बंद करा दिया और मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनके नेता के खिलाफ साजिश रची गई है और यह गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इस घटना ने स्थानीय निवासियों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोग पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “ऐसे गंभीर आरोपों की गहन जांच जरूरी है, ताकि सच सामने आए। लेकिन समर्थकों का चक्काजाम आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है।”
राजनीतिक हलकों में हलचल
यह घटना छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गई है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा है, जबकि सत्ताधारी पार्टी ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इस बीच, नगर पंचायत के अन्य पदाधिकारियों ने इस मामले पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



