
Bhilai में 18 लाख की ठगी, Police ने शुरू की जाँच
भिलाई में बड़ा ठगी कांड: 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा
भिलाई में एक बड़ी ठगी की घटना सामने आई है, जहाँ नवे पुलिस ने एक आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के अपराध दर्ज किया है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब 28 अगस्त 2025 को नवे पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज की गई। शिकायतकर्ता जयराम चंदेल (76 वर्ष) ने बताया कि उन्हें ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए ठगा गया। इस मामले में पुलिस ने गहन जाँच शुरू कर दी है और 7032 रुपये की राशि जब्त की है।

घटना का विवरण
जयराम चंदेल, जो अशोक नगर, पुर्वी नवे, भिलाई में रहते हैं, ने 7 जुलाई 2025 को एक ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दौरान ठगी का शिकार हुआ। शिकायत के अनुसार, एक कथित ठग ने खुद को किरयदर अकाश सिंह के रूप में पेश किया और जयराम को मोबाइल पर एक फर्जी ऑफर के बारे में आकर्षक जानकारी दी। ठग ने उन्हें एक ऑनलाइन गेम डाउनलोड करने और 7032 रुपये के शुरुआती निवेश के लिए आग्रह किया। इसके बाद ठग ने जयराम से लगातार पैसे की माँग की, जिसके परिणामस्वरूप वे 18 लाख रुपये की भारी राशि से हताहत हुए।
पुलिस की कार्रवाई
नवे पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धारा 318 (4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जाँच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जाँच में पता चला है कि ठग ने शिकायतकर्ता को विभिन्न कथित मुनाफे के वादे के साथ कुल 6,72,603 रुपये और एक सरकारी बैंक के खाते में 10,96,941 रुपये जमा करने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, ठग ने शिकायतकर्ता से विभिन्न किश्तों में यूपीआई के माध्यम से राशि ली। पुलिस ने जब्त की गई 7032 रुपये की राशि को सुरक्षित रखा है और आगे की जाँच के लिए सबूत एकत्र किए जा रहे हैं।
ठगी की बढ़ती घटनाएँ
ऑनलाइन ठगी के मामले देशभर में तेजी से बढ़ रहे हैं। नवे पुलिस के अनुसार, इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात स्रोत से आने वाले ऑफर या लिंक पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।
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जाँच और कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने जयराम चंदेल की शिकायत के आधार पर गहन जाँच शुरू कर दी है। पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, ठग ने शिकायतकर्ता को बार-बार नए ऑफर और लाभ के झाँसे में फँसाया। पुलिस का मानना है कि यह एक सुनियोजित ठगी का हिस्सा हो सकता है, जिसमें कई अन्य लोग भी शिकार हो सकते हैं। जाँच के दौरान पुलिस डिजिटल ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड और मोबाइल डेटा की भी जाँच कर रही है ताकि ठगों के नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
जनता के लिए सलाह
पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि वे ऑनलाइन ट्रांजेक्शनों के दौरान सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध लिंक या ऑफर पर तुरंत कार्रवाई करें। इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाहिए और साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए।
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