
Chennai में बैंक धोखाधड़ी मामला: CBI अदालत ने चार आरोपियों को ठहराया दोषी, सुनाई सजा
चेन्नई।
बैंक धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में चेन्नई की सीबीआई अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रिंसिपल सेशंस जज, चेन्नई ने 28 अगस्त 2025 को चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अदालत ने सभी आरोपियों को कारावास की सजा के साथ कुल 5 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

मामला 2007 से जुड़ा
यह मामला वर्ष 2007 का है। सीबीआई ने 27 दिसंबर 2007 को यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर केस दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एम. पालनिचामी, प्रबंध निदेशक, गैलेक्सी अमेज किंगडम लिमिटेड, चेन्नई और अन्य ने आपस में षड्यंत्र रचकर धोखाधड़ी से भारी-भरकम बैंक ऋण लिया।
फर्जी दस्तावेजों से 4.70 करोड़ का घोटाला
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया से झूठे और जाली दस्तावेज पेश कर क्रेडिट सुविधाएं प्राप्त कीं। इस धोखाधड़ी से बैंक को 4.70 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि आरोपियों ने अपने लिए उतने ही पैसों का गलत फायदा उठाया।
2008 में दाखिल हुई थी चार्जशीट
सीबीआई ने मामले की गहन जांच के बाद 29 अगस्त 2008 को छह आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद लंबी सुनवाई चली और सबूतों व गवाहियों के आधार पर अदालत ने चार आरोपियों को दोषी पाया।

सजा और जुर्माना
अदालत ने दोषी पाए गए चारों आरोपियों को कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, उन पर कुल 5 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने माना कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात जैसे गंभीर अपराध किए हैं।
न्याय की मिसाल
यह फैसला लंबे समय से चले आ रहे इस बैंक धोखाधड़ी मामले का अंत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के निर्णय वित्तीय अपराधों के खिलाफ एक कड़ा संदेश हैं और बैंकिंग सिस्टम को धोखाधड़ी से बचाने में सहायक होंगे।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



