
Uttrakhand चमोली में बादल फटा, दप्तरी बहा, कई फंसे
चमोली में आपदा की तस्वीर: भारी तबाही और राहत कार्य तेज
उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार, 29 अगस्त 2025 को एक भीषण प्राकृतिक आपदा ने दस्तक दी। सुबह के समय बादल फटने से दप्तरी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ गया, जिसके परिणामस्वरूप भारी तबाही मची। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस घटना में करीब 32 मवेशी मलबे में दब गए, और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।

घटना का विवरण: कैसे शुरू हुई तबाही
सुबह करीब 4 बजे के आसपास, चमोली जिले के दूरस्थ गांवों में अचानक तेज बारिश शुरू हुई। इस दौरान दप्तरी नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया कि आसपास के घर, गौशालाएं, और खेतों में पानी भर गया। स्थानीय निवासी तारा सिंह और उनकी पत्नी के अनुसार, “बादल फटने की आवाज सुनाई दी, और कुछ ही मिनटों में पानी ने सब कुछ बहा दिया।” इस आपदा में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए, और कई परिवार बेघर हो गए। प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं।
बचाव और राहत कार्य: प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल को सक्रिय कर दिया गया। बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीम मौके पर पहुंच गई है। साथ ही, स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे मवेशियों और संपत्ति की खोज जारी है। तिवारी ने कहा, “हमारी प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान करना है।”
प्रभावित क्षेत्र: चमोली और आसपास के गांवों में हाहाकार
इस आपदा से चमोली जिले के अलावा पड़ोसी क्षेत्रों जैसे रुद्रप्रयाग और तीर्थ क्षेत्रों में भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे राहत कार्यों में देरी हो रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, “पहाड़ी इलाकों में बारिश का कहर जारी है, और कई परिवार अभी भी खतरे में हैं।” प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से घरों में रहने की अपील की है।

राहत शिविर और भविष्य की तैयारी
शुक्रवार को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां पीड़ितों को भोजन, पानी, और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला प्रशासन ने अगले 48 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके मद्देनजर बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। साथ ही, लंबी अवधि के लिए जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की बात कही जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटा जा सके।
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