
Delhi Police की अपराध शाखा ने एक दोषी बलात्कारी और हत्यारे को गिरफ्तार किया
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक लंबे समय से फरार चल रहे दोषी बलात्कारी और हत्यारे को चार साल की कड़ी मेहनत के बाद गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई उस समय और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, जब यह खुलासा हुआ कि इस अपराधी ने अपने पांच साल के छोटे बेटे की भी हत्या कर दी थी और उसके शव को गंगा नदी में फेंक दिया था। इस मामले में शामिल 40 वर्षीय संजय उर्फ सुजॉय को बिहार के पटना से गिरफ्तार किया गया। संजय को 2007 में दिल्ली के कपाशेहड़ा इलाके में हुई एक सनसनीखेज हत्या और बलात्कार की वारदात के सिलसिले में 2010 में दोषी ठहराया गया था।

घटना का पूरा विवरण
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब संजय ने अपनी पत्नी और एक अन्य महिला के साथ मिलकर एक 40 वर्षीय महिला संजयनी को अपने जाल में फंसाया। इस वारदात में संजय ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर संजयनी को अपने घर बुलाया और फिर उसे बेहोश करने के बाद उसकी हत्या कर दी। इसके बाद संजय और उसके साथियों ने शव को गंगा नदी में फेंक दिया। इस जघन्य अपराध के बाद संजय फरार हो गया और कई सालों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।
लंबी तलाश और गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इस मामले की गहन जांच शुरू की। 2010 में संजय को दोषी ठहराया गया था, लेकिन वह कोर्ट से सजा सुनाए जाने से पहले ही फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश में कई राज्यों की यात्रा की, जिसमें बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड शामिल थे। लंबे समय तक चली इस तलाश के बाद finally 29 अगस्त 2025 को पुलिस को सफलता मिली और संजय को पटना से गिरफ्तार कर लिया गया।
परिवार पर असर
इस घटना ने संजय के परिवार पर गहरा असर डाला। उसकी पत्नी, जो इस अपराध में शामिल थी, पहले ही गिरफ्तार हो चुकी है और उसे उचित सजा दी जा चुकी है। संजय के छोटे बेटे की हत्या ने पूरे परिवार को तोड़ दिया, और इस घटना ने स्थानीय लोगों में भी दहशत फैला दी। पुलिस के अनुसार, संजय ने अपने बेटे की हत्या इसलिए की थी ताकि वह अपने अपराध को छुपा सके और किसी भी तरह से सजा से बच सके।

कानूनी कार्रवाई
संजय को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसे दिल्ली लाया, जहां उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, और इस मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस का दावा है कि संजय के खिलाफ और भी मामले सामने आ सकते हैं, क्योंकि उसका आपराधिक इतिहास काफी लंबा है।
पुलिस की भूमिका
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इस मामले में अपनी कर्तव्यनिष्ठा और मेहनत का परिचय दिया है। इस ऑपरेशन में शामिल अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने कई महीनों तक संजय के ठिकानों की निगरानी की और finally उसे पकड़ने में सफलता हासिल की। इस गिरफ्तारी से न केवल पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलेगा, बल्कि समाज में एक सख्त संदेश भी जाएगा कि अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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