
Himanchal Pradesh में भारी मानसून के कारण मणिमहेश यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई है
लेकिन राज्य सरकार ने बताया है कि सभी तीर्थयात्री सुरक्षित हैं और राहत कार्य तेजी से जारी है।

भारी बारिश और राहत अभियान
हाल ही में हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते हजारों तीर्थयात्री फंस गए थे, विशेषकर रोड पर करीब 3,000 से अधिक लोग आपदा की चपेट में आ गए। राज्य सरकार और प्रशासन ने तुरंत राहत शिविरों की स्थापना की और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) समेत रेस्क्यू टीमें यात्रियों को निकालने में जुटी हैं, और अब तक हजारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
मौसम विभाग की चेतावनी और सरकार की तैयारी
मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते स्कूल-कॉलेज और सड़कें भी बंद कर दी गईं हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बयान दिया है कि सरकार किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार है, और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

तीर्थयात्रियों की स्थिति
- प्रशासन के अनुसार मणिमहेश यात्रा 17 अगस्त से शुरू होकर 15 सितंबर को समाप्त होनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण फिलहाल यात्रा को स्थगित कर दिया गया है।
- हजारों यात्रियों को मोबाइल सर्विस, बिजली और पेयजल की समस्याएं आईं हैं, लेकिन राहत शिविरों में उन्हें भोजन, पानी और जरूरी इंतजाम उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
- चंबा जिले के विधायक और प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं और तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालने का काम जारी है
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