
Congress ने Chhattisgarh में मतदान की अनियमितताओं के आरोपों की जांच शुरू कर दी है—
इन आरोपों में नकली वोट, डुप्लिकेट नाम और अमान्य पते शामिल हैं, जिन्हें एक पूर्व कांग्रेस विधायक ने उजागर किया. जांच पांच मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित रहेगी और इसके निष्कर्ष सार्वजनिक व चुनाव आयोग के साथ साझा किए जाएंगे ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

जांच का कारण और दायरा
पूर्व विधायक और पार्टी नेतृत्व ने आरोप लगाया कि वोटर सूची में डुप्लिकेट प्रविष्टियाँ, फेक पते, एक घर पर सैकड़ों रजिस्ट्रेशन, अमान्य फोटो और फॉर्म-6 के दुरुपयोग की कई घटनाएँ सामने आई हैं.
कांग्रेस ने दावा किया Mahadevapura विधानसभा क्षेत्र (कर्नाटक) में अकेले 1,00,250 नकली वोट मिले— इनमें 11,965 डुप्लिकेट वोटर्स, 40,009 फर्जी पते, 10,452 बहु-वोटर्स एक पते पर, 4,132 गलत फोटो, और 33,692 Form-6 का ग़लत प्रयोग शामिल थे.
पांच प्रमुख जांच बिंदु
- डुप्लिकेट वोटर्स: एक व्यक्ति कई बूथों में वोटर के तौर पर दर्ज.
- फर्जी पते और पहचान: अवास्तविक पते, जैसे ‘House Number Zero’, और गलत फोटो.
- एक ही अड्रेस पर बड़ी संख्या में वोटर्स: जैसे एक घर में 80 वोटर का रजिस्ट्रेशन.
- अमान्य फोटो और छवियाँ: हजारों फोटोज़ गलत या लापता थे.
पार्टी की प्रतिक्रिया और अगला कदम
कांग्रेस की टीम ने 6 महीनों में डेटा का मैन्युअल विश्लेषण किया और आरोप लगाया है कि यह समस्या एक विधानसभा या राज्य तक सीमित नहीं, बल्कि देशभर में संचालित की जा रही है.

पार्टी ने जांच के सार्वजनिक निष्कर्ष और चुनाव आयोग को रिपोर्ट सौंपने का वादा किया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर जनता का विश्वास कायम किया जा सके.
पार्टी नेताओं ने चुनाव आयोग से मशीन-पठनीय वोटर लिस्ट और CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की
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