
Gujrat:भारत की सेमीकंडक्टर क्रांति: CG सेमी जल्द लॉन्च करेगा पहली ‘मेड इन इंडिया’ चिप, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का ऐलान
सानंद, गुजरात: भारत अपनी तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि गुजरात के सानंद में CG सेमी प्राइवेट लिमिटेड की आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधा से जल्द ही पहली ‘मेड इन इंडिया’ सेमीकंडक्टर चिप बाजार में आएगी। यह उपलब्धि भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

CG सेमी की पायलट लाइन का उद्घाटन
28 अगस्त 2025 को सानंद में CG सेमी की G1 पायलट OSAT सुविधा का उद्घाटन करते हुए, मंत्री वैष्णव ने कहा, “यह पायलट लाइन प्रतिदिन 5 लाख चिप्स का उत्पादन करेगी, और हमारी पहली ‘मेड इन इंडिया’ चिप यहीं से आएगी।” इस सुविधा का उद्घाटन गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल की उपस्थिति में किया गया, जिसे ‘प्रारंभ’ नाम दिया गया, जो भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में एक नई शुरुआत का प्रतीक है।
2025 के अंत तक बाजार में चिप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में कहा था कि 2025 के अंत तक ‘मेड इन इंडिया’ सेमीकंडक्टर चिप्स बाजार में उपलब्ध होंगी। वैष्णव ने पुष्टि की कि CG सेमी की पायलट लाइन से उत्पादन जल्द शुरू होगा, और यह चिप्स ऑटोमोबाइल, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोकंट्रोलर और अन्य क्षेत्रों में उपयोग के लिए ग्राहक अनुमोदन के लिए तैयार की जाएंगी।
7,600 करोड़ रुपये का निवेश
CG सेमी, जो मुरुगप्पा समूह की सहायक कंपनी CG पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड का हिस्सा है, ने जापान की रेनेसस इलेक्ट्रॉनिक्स और थाईलैंड की स्टार्स माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के सहयोग से सानंद में दो अत्याधुनिक OSAT सुविधाओं (G1 और G2) के लिए 7,600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। G2 सुविधा का निर्माण 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद 2027 से पूर्ण पैमाने पर उत्पादन शुरू होगा, जिसमें प्रतिदिन 1.45 करोड़ यूनिट्स की क्षमता होगी।
भारत की सेमीकंडक्टर मिशन की प्रगति
वैष्णव ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत अन्य परियोजनाओं की प्रगति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि माइक्रॉन, कायनेस टेक्नोलॉजी और असम में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की इकाइयों में भी पायलट लाइनों का निर्माण तेजी से चल रहा है। ISM के तहत 10 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसमें 1.6 लाख करोड़ रुपये का निवेश शामिल है, जो भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
रोजगार सृजन और तकनीकी आत्मनिर्भरता
CG सेमी की दोनों सुविधाएं अगले कुछ वर्षों में 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेंगी। इसके अलावा, भारत ने 270 विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी कर उन्नत चिप डिजाइन टूल्स उपलब्ध कराए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 2025 में 1.2 मिलियन डिजाइन घंटे दर्ज किए गए और 17 संस्थानों ने चिप्स डिजाइन किए हैं। यह पहल 2032 तक वैश्विक स्तर पर 10 लाख सेमीकंडक्टर पेशेवरों की कमी को पूरा करने में भारत की भूमिका को मजबूत करेगी।
भारत का तकनीकी भविष्य
CG पावर के चेयरमैन वेल्लायन सुब्बैया ने कहा, “यह सुविधा केवल CG सेमी के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक मील का पत्थर है। यह सरकार और उद्योग के संयुक्त प्रयासों का प्रतीक है, जो प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार कर रहा है।” यह परियोजना भारत को ऑटोमोटिव, टेलीकॉम, ड्रोन और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगी।
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