
चचेरा भाई ही निकला अपहरण का आरोपी, 10 Lakh की फिरौती के लिए मासूम को बनाया था निशाना
जांजगीर-चांपा। जमीन विवाद और पैसों की लालच ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया। जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र में 8 साल के मासूम बच्चे के अपहरण के मामले में उसका ही चचेरा भाई मुख्य आरोपी निकला। आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने की योजना बनाई थी। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मासूम को सकुशल बरामद कर लिया।

मामला कैसे हुआ उजागर?
25 अगस्त की शाम करीब 5 बजे ग्राम लगरा के एक 8 वर्षीय बच्चे के गुम होने की रिपोर्ट मुलमुला थाने में दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और बच्चे की तलाश के लिए पुलिस व साइबर सेल की टीम गठित की।
जांच में सामने आया कि बच्चे को गांव में दोपहर 2 बजे तक देखा गया था, इसके बाद वह अचानक लापता हो गया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें गुमशुदा बच्चे के बड़े पिता के बेटे राहुल टंडन की गाड़ी (सीजी 11 बीएन 0720) बार-बार मूवमेंट करती दिखाई दी।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
शुरुआती पूछताछ में राहुल टंडन ने बताया कि वह बच्चे को पोल्ट्री फार्म ले गया था और फिर उसे घर छोड़कर अन्य काम से चला गया। लेकिन जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और राहुल के बयान की तुलना की तो दोनों में विरोधाभास मिला। सख्ती से पूछताछ करने पर राहुल ने आखिरकार अपराध कबूल कर लिया।
जमीन विवाद बना वजह
ASP उमेश कश्यप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी राहुल और बच्चे के पिता के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद था। इसी रंजिश और पैसों के लालच में उसने अपने साथी प्रशांत मैना (निवासी खपरी ताड़) और एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर 7 दिन पहले अपहरण की साजिश रची थी। योजना के तहत बच्चे को अगवा कर 10 लाख रुपये फिरौती मांगने और रकम बांटने का प्लान था।

अपहरण की पूरी कहानी
कुछ दिन पहले राहुल बच्चे सम्राट को उसकी साइकिल पर बैठाकर सिल्ली नहर रोड की ओर ले गया, जहां पहले से प्रशांत और उसका साथी मौजूद थे। यहीं से बच्चे को टेपो ट्रेक्स गामा गाड़ी में बैठाकर ले जाने का प्रयास किया गया।
मामले को और उलझाने के लिए राहुल खुद पुलिस के साथ जांच में सहयोगी बनने का नाटक करता रहा। सीसीटीवी फुटेज देखने और पुलिस टीम के साथ छानबीन में शामिल होकर उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश भी की, लेकिन अंततः सच्चाई सामने आ गई।

पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और बच्चे को गौरला-पेंड्रा-मरवाही जिले से सुरक्षित बरामद कर लिया। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण और फिरौती की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
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