
उद्योगों के पलायन का कारण: Congress सरकार की गलत नीतियाँ और भ्रष्टाचार
शिमला: हिमाचल प्रदेश में उद्योगों का संकट
हिमाचल प्रदेश की विधानसभा में मंगलवार को 7 वें दिन प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक ने प्रदेश में उद्योगों के पलायन और उद्योगों को लेकर सरकार की उदासीनता पर सवाल उठाया। इस दौरान भाजपा विधायकों ने मांग की कि उद्योगों के पलायन को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। वहीं, कांग्रेस सरकार ने इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, जिससे विपक्षी दलों ने सरकार पर उद्योगों के पलायन के लिए जिम्मेदार ठहराया।

उद्योगों के पलायन का बढ़ता संकट
हिमाचल प्रदेश में उद्योगों का पलायन एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पलायन मुख्य रूप से कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों और भ्रष्टाचार के कारण हो रहा है। विपक्षी दलों के अनुसार, उद्योगपतियों ने कई बार सरकार से शिकायत की है कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल माहौल नहीं है। उद्योग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या सरकार उद्योगों के हितों को लेकर गंभीर नहीं है?
कांग्रेस सरकार पर आरोप
भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की नीतियों के कारण उद्योगपति अन्य राज्यों की ओर रुख कर रहे हैं। विशेष रूप से, हिमाचल में अर्धविकसित मध्यवर्गीय परिवारों के लिए रोजगार के अवसर सीमित हो गए हैं, जिसके चलते बेरोजगारी बढ़ रही है। इसके अलावा, उद्योगों को दी जाने वाली सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि में अनियमितताएँ भी इस समस्या को और गंभीर बनाती हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के बजाय केवल कागजी योजनाएँ बनाई हैं, जिनका धरातल पर कोई असर नहीं दिख रहा।
जयराम ठाकुर का पलटवार
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों के कारण उद्योगपति हिमाचल से पलायन कर रहे हैं। ठाकुर ने आरोप लगाया कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल माहौल नहीं होने के कारण उद्योगपतियों को मजबूरी में अन्य राज्यों की ओर देखना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दौरान उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में निवेश में वृद्धि हुई थी।

भ्रष्टाचार का बढ़ता दबा
विपक्ष का दावा है कि हिमाचल में उद्योगों के पलायन का एक बड़ा कारण भ्रष्टाचार भी है। कई उद्योगपतियों ने शिकायत की है कि सरकारी अधिकारियों और नेताओं द्वारा अनुचित दबाव डाला जा रहा है, जिससे निवेशकों का मनोबल कमजोर हो रहा है। इसके अलावा, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी भी उद्योगों के लिए बड़ी बाधा बन रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार ने तत्काल ठोस कदम नहीं उठाए, तो हिमाचल की अर्थव्यवस्था और गहरे संकट में पड़ सकती है।
सरकार की उदासीनता और जनता का आक्रोश
उद्योगों के पलायन से न केवल बेरोजगारी बढ़ी है, बल्कि स्थानीय जनता में भी सरकार के प्रति रोष बढ़ रहा है। कई क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार के अभाव में पलायन करना पड़ रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को चाहिए कि वह उद्योगपतियों की समस्याओं को गंभीरता से ले और उनके लिए अनुकूल माहौल बनाए।
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