
Raipur में Cyber Crime दंत कॉलेज के प्रोफेसर के खिलाफ 26 लाख की ठगी का मामला
रायपुर में साइबर क्राइम की एक नई मिसाल सामने आई है, जिसमें साइबर अपराधियों ने एक दंत कॉलेज के प्रोफेसर को निशाना बनाया और उनकी कड़ी मेहनत की कमाई को चंद पलों में लूट लिया। इस मामले में प्रोफेसर के साथ करीब 26 लाख 68 हजार रुपये की भारी ठगी हुई, जिसकी शिकायत उन्होंने अमनाका थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और अपराधियों को पकड़ने के लिए त्वरित कार्रवाई में जुट गई है।

घटना की जानकारी
जानकारी के मुताबिक इसकी शुरुआत तब हुई जब प्रोफेसर को अमनाका पुलिस थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करने के लिए मजबूर होना पड़ा। प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला कि ठगों ने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए प्रोफेसर को अपने जाल में फंसाया। इस मामले में ठगों ने प्रोफेसर को एक कथित निवेश योजना का लालच देकर ठगा, जिसमें उन्हें मुनाफे का झांसा दिया गया। इस चकमा देने वाली योजना के तहत प्रोफेसर को बार-बार निवेश करने के लिए उकसाया गया, जिसके बाद उनकी मेहनत की कमाई गायब हो गई।
ठगी का तरीका
पुलिस के अनुसार, ठगों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्रोफेसर को जोड़ा और उन्हें उच्च रिटर्न का लालच देकर धोखा दिया। इस ग्रुप में कई नकली सदस्यों को जोड़ा गया था, जो अपराधियों की साजिश का हिस्सा थे। प्रोफेसर को बताया गया कि वे एक काल्पनिक कंपनी में निवेश कर रहे हैं, जो अल्प समय में भारी मुनाफा देने का वादा करती थी। धोखे में आकर प्रोफेसर ने कई चरणों में अपनी बचत और अन्य स्रोतों से जुटाए गए 26 लाख 68 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस की कार्रवाई
इस घटना की शिकायत मिलते ही अमनाका पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद यह पाया कि यह साइबर ठगी का एक सुनियोजित मामला है। पुलिस ने तुरंत व्हाट्सएप ग्रुप और बैंक लेनदेन की जांच शुरू की है। साथ ही, संदिग्ध खातों को फ्रीज करने और धन के ट्रांसफर का पता लगाने के लिए बैंकों के साथ समन्वय किया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस मामले में शामिल अपराधियों की पहचान हो जाएगी और उन्हें सलाखों के पीछे लाया जाएगा।

साइबर ठगी से बचाव के उपाय
इस घटना से यह साफ हो गया है कि साइबर ठगी अब आम लोगों के लिए एक गंभीर खतरा बन गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अज्ञात स्रोतों से आने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें। इसके अलावा, किसी भी व्हाट्सएप ग्रुप या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बड़े मुनाफे का वादा करने वाले संदेशों को नजरअंदाज करें और तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।
प्रोफेसर की बेबसी
इस घटना से प्रोफेसर का जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। उनकी सालों की मेहनत और बचत एक झटके में गंवाने के बाद वे मानसिक रूप से टूट गए हैं। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद उन्हें अपने परिवार और दोस्तों से भी मदद की उम्मीद है, लेकिन अभी तक उन्हें न्याय की राह आसान नहीं लग रही।
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