
Chhattisgarh में जन विश्वास अधिनियम 2025 को मिली राज्यपाल की मंजूरी: कुत्तों और अन्य जानवरों पर नए नियम लागू
रायपुर, 25 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ में “जन विश्वास अधिनियम 2025” को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है, जिसके तहत राज्य में जानवरों से संबंधित कई नए नियम लागू किए गए हैं। यह अधिनियम विशेष रूप से कुत्तों, हाथियों और घोड़ों जैसे जानवरों के प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण प्रावधान लाता है। इस कानून का उद्देश्य नागरिकों और जानवरों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है, जो हाल के समय में कुत्तों को लेकर चल रही बहसों और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे मामलों के बीच लागू हुआ है।

कुत्तों के लिए मास्क अनिवार्य, उल्लंघन पर जुर्माना
नए अधिनियम के तहत, यदि कोई व्यक्ति अपने कुत्ते को बिना मास्क के सार्वजनिक स्थान पर घुमाता है, तो उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह नियम कुत्तों के हमलों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। हाल के वर्षों में, कुत्तों के काटने की घटनाओं ने देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है, और यह प्रावधान उसी दिशा में एक कदम है।
हाथी और घोड़े जैसे अन्य जानवरों पर भी नियम
अधिनियम में कुत्तों के अलावा अन्य बड़े जानवरों, जैसे कि हाथी और घोड़े, के लिए भी समान प्रावधान शामिल किए गए हैं। इन जानवरों को सार्वजनिक स्थानों पर नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से ले जाने के लिए मालिकों को विशेष दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। यह नियम खासकर उन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है जहां धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजनों में इन जानवरों का उपयोग होता है।
चर्चा और विवादों के बीच लागू हुआ कानून
यह अधिनियम ऐसे समय में लागू हुआ है जब कुत्तों को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है। नागरिकों के बीच आवारा कुत्तों की समस्या और पालतू जानवरों के प्रबंधन को लेकर अलग-अलग राय हैं। सुप्रीम कोर्ट में भी इस मुद्दे पर कई याचिकाएं लंबित हैं, जिनमें पालतू और आवारा कुत्तों के अधिकारों के साथ-साथ सार्वजनिक सुरक्षा को संतुलित करने की मांग की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
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