
करोड़ों के Bank Fraud में फरार आरोपी CBI की हिरासत
मुंबई, 23 अगस्त 2025।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बैंक ऑफ बड़ौदा को करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले और लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी दिनेश डी. गहलोत को गिरफ्तार कर लिया है। गहलोत को सीबीआई ने ‘प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर’ घोषित किया था।

2004 से चल रहा था केस
यह मामला 31 मई 2004 को दर्ज हुआ था। आरोप था कि दिनेश गहलोत ने फर्जी और मनगढ़ंत दस्तावेजों के जरिए हाउसिंग लोन लिया और बैंक को धोखा दिया। सीबीआई ने जांच पूरी कर 30 अप्रैल 2007 को चार्जशीट दाखिल की थी।

2024 से फरार, जारी हुए NBW
गहलोत ट्रायल में शामिल नहीं हुआ और समन/वारंट का जवाब नहीं दिया। 2024 से वह लापता था। उसके खिलाफ कई गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी हुए, लेकिन वह लगातार फरार रहा। आखिरकार 9 दिसंबर 2024 को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने उसके खिलाफ प्रोक्लेमेशन वारंट जारी किया।
पहचान छुपाकर बदली जगह
फरारी के दौरान गहलोत बार-बार अपना ठिकाना बदलता रहा और स्थानीय लोगों को अपनी पहचान के बारे में गुमराह करता रहा। उसने अपने आसपास के लोगों से भी कम संपर्क रखा, जिससे उसकी लोकेशन का पता लगाना और मुश्किल हो गया।
तकनीकी निगरानी से मिली सफलता
सीबीआई ने आधुनिक तकनीकी साधनों और डिजिटल फुटप्रिंट ट्रैकिंग का सहारा लिया। आरोपी की डिजिटल गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। इसके बाद फील्ड इन्वेस्टिगेशन और स्थानीय स्तर पर पूछताछ की गई, जिससे गहलोत की लोकेशन नोएडा में ट्रेस की गई।

गिरफ्तारी और कोर्ट में पेशी
सीबीआई की टीम ने 20 अगस्त 2025 को गहलोत को नोएडा से गिरफ्तार किया और मुंबई की सक्षम अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। फिलहाल वह मुकदमे का सामना कर रहा है।
सीबीआई का बयान
सीबीआई का कहना है कि यह मामला इस बात का उदाहरण है कि आधुनिक तकनीक और जांच अधिकारियों की मेहनत से कैसे लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों को पकड़ा जा सकता है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



