
Chhattisgarh में 4 लाख कर्मचारी हड़ताल पर, सरकारी कामकाज ठप – जनता हुई परेशान
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर शुक्रवार को प्रदेशभर में 4 लाख से अधिक कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। काम बंद और कलम बंद आंदोलन के कारण सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा और हजारों जरूरी फाइलों की मूवमेंट रुक गई। इस हड़ताल से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि सरकारी सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं।

आंदोलन का असर
प्रदर्शन और ज्ञापन: जिला मुख्यालयों में कर्मचारियों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
शिक्षा पर प्रभाव: कई स्कूलों में पढ़ाई बंद रही, जिससे छात्रों की कक्षाएं प्रभावित हुईं।
अधिकारियों की गाड़ियां ठप: सरकारी ड्राइवरों की हड़ताल के कारण अफसरों की गाड़ियां घरों में ही खड़ी रहीं।
सेवाएं बंद: राजस्व, प्रमाणपत्र जारी करने, और विकास कार्यों जैसी आवश्यक सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं, जिससे आम लोगों को भारी असुविधा हुई।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारी फेडरेशन ने सरकार से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
महंगाई भत्ता (DA): केंद्र सरकार के समान समय पर डीए लागू किया जाए।
चार स्तरीय वेतनमान: सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए।
डीए एरियर्स: बकाया डीए की राशि को कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित किया जाए।
सेवानिवृत्ति आयु: सभी विभागों में समानता रखते हुए सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष की जाए।
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