
बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ अभियान के तहत रिसामा में जागरूकता कार्यक्रम
दुर्ग जिले के रिसामा में महिला रक्षा टीम द्वारा बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ अभियान के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, आम नागरिकों, और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बेटियों की सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता, और आवश्यक आपातकालीन सेवाओं की जानकारी प्रदान करना था। सहायक उप निरीक्षक संगीता मिश्रा ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।

अनजान व्यक्तियों से निजी जानकारी साझा न करने की सलाह
सहायक उप निरीक्षक संगीता मिश्रा ने छात्र-छात्राओं को अनजान व्यक्तियों के साथ अपनी निजी जानकारी साझा न करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता, या फोन नंबर को अजनबियों के साथ साझा करने से बचना चाहिए, क्योंकि यह साइबर अपराधों का कारण बन सकता है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर जोर देते हुए, उन्होंने प्लेटफॉर्म के सेफ्टी फीचर्स का उपयोग करने की सलाह दी।

मोबाइल के उपयोग में सावधानी बरतने का आह्वान
कार्यक्रम में मोबाइल फोन के उपयोग में सावधानी बरतने पर विशेष ध्यान दिया गया। संगीता मिश्रा ने बताया कि मोबाइल फोन पर महत्वपूर्ण नंबरों को सुरक्षित रखना और अनावश्यक ऐप्स या लिंक्स से बचना जरूरी है। उन्होंने आपातकालीन नंबर 112 और साइबर अपराधों के लिए 1930 की जानकारी दी, ताकि जरूरत पड़ने पर त्वरित सहायता प्राप्त की जा सके।
साइबर डिजिटल अरेस्टिंग के प्रति जागरूकता
साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए, कार्यक्रम में साइबर डिजिटल अरेस्टिंग के बारे में विस्तार से बताया गया। उपस्थित लोगों को फर्जी कॉल्स, मैसेज, और ऑनलाइन धोखाधड़ी से सावधान रहने की सलाह दी गई। संगीता मिश्रा ने साइबर अपराधियों के हथकंडों और उनसे बचाव के उपायों पर प्रकाश डाला।
नशे के दुष्प्रभाव और बचाव की जानकारी
नशे की रोकथाम और इसके दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूकता फैलाई गई। संगीता मिश्रा ने नशे से होने वाली शारीरिक, मानसिक, और सामाजिक समस्याओं के बारे में बताया। साथ ही, नशे से मुक्ति के लिए उपलब्ध विभिन्न साधनों और सहायता केंद्रों की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
पॉक्सो एक्ट और गुड टच-बैड टच पर जागरूकता
कार्यक्रम में पॉक्सो एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act) के प्रावधानों की जानकारी दी गई। बच्चों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाया गया, ताकि वे अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें। यह जानकारी विशेष रूप से छात्र-छात्राओं के लिए उपयोगी रही, जिन्हें अपनी सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई।
सामूहिक सहभागिता और समन्वय
रिसामा में आयोजित इस कार्यक्रम में महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी, ग्राम सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष, शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग, स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक, और महिला रक्षा टीम के सदस्य उपस्थित थे। सभी ने इस पहल की सराहना की और इसे समाज में जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
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