
Chhattisgarh : DSP Transfer List पर बवाल, महिला अधिकारी ने उठाए सवाल
Raipur 14 अगस्त को गृह विभाग ने DSP (उप पुलिस अधीक्षक) के तबादलों की सूची जारी की, जिसमें 11 DSP को नई जगह पोस्टिंग दी गई है। इस बार पहली बार थानेवार पोस्टिंग की व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन इस नई प्रणाली ने विवाद खड़ा कर दिया है।

महिला DSP लितेश सिंह ने इस आदेश को लेकर गृह विभाग की नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने राज्य पुलिस सेवा अधिकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखनंदन राठौर को पत्र लिखकर कहा कि आदेश में कई गंभीर विसंगतियां हैं, जो पुलिस प्रशासन की कार्यकुशलता और पद की गरिमा को प्रभावित करती हैं।
लितेश सिंह को गरियाबंद जिले के एक थाने का प्रभारी बनाते हुए पोस्टिंग दी गई है। उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि एक ही पद पर दो अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जबकि कई पद रिक्त पड़े हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तीन साल से अधिक सेवाकाल पूरे करने वाले अधिकारियों को फिर से उन्हीं क्षेत्रों में भेजा गया है। साथ ही DSP (अजाक), DSP (यातायात) और DSP (साइबर सेल) जैसे पद कई जिलों में अब भी खाली हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दो अलग-अलग अनुविभागों के थानों को मिलाकर एक DSP को पोस्टिंग देना प्रशासनिक और कानूनी दृष्टि से गलत है। यह भविष्य में न्यायिक प्रक्रिया में भी जटिलताएं पैदा कर सकता है।

DSP के इस पत्र के सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुप में वायरल होते ही कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी प्रतिक्रिया दी। कई अधिकारियों का कहना है कि इस नीति से योग्य अधिकारियों का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है, जबकि कई महत्वपूर्ण पद वर्षों से खाली हैं।
DSP में थानेदारों की पोस्टिंग पर बवाल
गृह विभाग की इस नई नीति को कई अधिकारी “नीति विरुद्ध” बता रहे हैं। राज्य पुलिस सेवा का DSP पद एक राजपत्रित अधिकारी का पद होता है, जिसकी नियुक्ति लोक सेवा आयोग की त्रिस्तरीय परीक्षा के बाद होती है। ऐसे में अधिकारी मानते हैं कि इस पद की गरिमा बनाए रखना बेहद जरूरी है |
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