
UPI आधारित Digital Payments पर जीरो चार्ज की नीति
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) आधारित डिजिटल पेमेंट्स पर ग्राहकों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। यह घोषणा भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा जारी एक बयान के बाद आई है।

सरकार ने कहा कि वर्ष 2019 से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई और रुपे कार्ड के जरिए होने वाले लेन-देन पर किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता।
दरअसल, वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि यूपीआई को बढ़ावा देने के लिए सरकार शुरू से ही इसे मुफ्त सेवा के रूप में प्रस्तुत कर रही है। इससे व्यापारियों और ग्राहकों को सीधे लाभ मिलता है और डिजिटल भुगतान का दायरा बढ़ता है।
संबंधित अधिनियमों के अनुसार, रिजर्व बैंक ने वर्ष 1961 की धारा 269एसएस और 269टीटी के तहत नगद लेन-देन को सीमित किया है ताकि डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा मिले। इस प्रयास से देश में वित्तीय लेन-देन अधिक सुरक्षित और पारदर्शी हुए हैं।

सरकार ने 2021-2022 से यूपीआई और रुपे कार्ड के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता भी शुरू की है। आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रोत्साहन योजना लागू की जाएगी, जिससे राज्यों में डिजिटल भुगतान का विस्तार और मजबूती मिलेगी।
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