
Medical store संचालक से कर्मचारी ने की 70 लाख की हेराफेरी, अपराध दर्ज
Bhilai nagar एक चौंकाने वाली घटना में, एक मेडिकल स्टोर के कर्मचारी पर अपने मालिक से 70 लाख रुपये की हेराफेरी करने का आरोप लगा है। यह घटना भिलाई शहर के एक प्रसिद्ध मेडिकल स्टोर की है, जहां कर्मचारी ने लगभग छह वर्षों तक जतन से काम किया था। उसने न केवल व्यवसाय के लिए दवाइयों की बिक्री में गड़बड़ी की, बल्कि दुकान में आ रही रकम को भी अपनी जेब में डाल लिया। इस गंभीर अपराध के बारे में जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।
आरोपी की पहचान और शिकायत
मेडिकल स्टोर का संचालन करने वाले नरेश सिंह राजपूत ने पहले-पहल अपने कर्मचारी से अच्छे काम की उम्मीद की थी। आरोपी का नाम नरेंद्र सिंह राजपूत है, और वह लगभग 25 वर्षों से मेडिकल स्टोर में काम कर रहा था। इन वर्षों में उसने कई बार दवाइयों का स्टॉक लिया और विक्रय किया, लेकिन किसी को शक नहीं हुआ कि वह इस काम के दौरान स्टोर के पैसे में गड़बड़ी कर रहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्टोर से कुल 70 लाख रुपये की हेराफेरी की गई। शुरुआत में यह राशि कम दिखी, लेकिन जब पुलिस ने विस्तृत जांच की तो पता चला कि कर्मचारी ने स्टोर से लगातार रकम चुराई थी। नरेश सिंह राजपूत के अनुसार, जब उसे इस बारे में शक हुआ, तो उसने धीरे-धीरे मामले की जांच की और पाया कि आरोपी ने करीब 6 सालों तक इस हेराफेरी को अंजाम दिया था।
गड़बड़ी का तरीका
कर्मचारी ने सबसे पहले दवाइयों की बिक्री में गड़बड़ी की। वह मरीजों से अधिक राशि वसूलता और पैसे का हिसाब नहीं देता था। इसके अलावा, स्टोर में आने वाली अन्य रकम को भी हड़प लिया। आरोप है कि उसने फर्जी रसीदें भी बनाई थीं, जिससे उसका काम और भी आसान हो गया। शुरू-शुरू में उसे शक नहीं हुआ, लेकिन धीरे-धीरे दुकान में पैसा कम होने लगा। जब नरेश सिंह राजपूत ने इसके बारे में जांच की तो उसने यह मामले का खुलासा किया।

इसके अलावा, नरेंद्र सिंह राजपूत ने स्टोर से दवाइयों का स्टॉक ज्यादा दिखाई और कुछ दवाइयों का विक्रय भी कम दिखाया, ताकि यह लग सके कि दुकान में सबकुछ सामान्य है। इस तरह उसने महीनों तक इस अपराध को अंजाम दिया। हालांकि, नरेश सिंह को इसका कोई संकेत नहीं मिला था। जब इसके बारे में पता चला, तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मोहन नगर थाना प्रभारी केके यादव ने बताया कि नरेंद्र सिंह राजपूत के खिलाफ धोखाधड़ी और हेराफेरी के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए एक टीम बनाई है और उसे जल्द ही अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने इतने लंबे समय तक इस धोखाधड़ी को कैसे अंजाम दिया।
पुलिस ने मामले में और भी गहराई से जांच करने के लिए डॉक्टरों और स्टोर के अन्य कर्मचारियों से भी बयान दर्ज किए हैं। इसके अलावा, पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इस धोखाधड़ी में किसी और का हाथ तो नहीं है। साथ ही, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपी ने अपने इस धोखाधड़ी को छिपाने के लिए स्टोर के अन्य मामलों में भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की है या नहीं।
कर्मचारी का क्या कहना है?
जब पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की, तो उसने शुरुआती दौर में यह स्वीकार किया कि उसने दवाइयों की बिक्री में गड़बड़ी की थी, लेकिन वह इस तथ्य से इंकार करता है कि उसने स्टोर से इतनी बड़ी रकम चुराई थी। आरोपी का कहना है कि वह बस अपने हिस्से की रकम ले रहा था, लेकिन जब पुलिस ने उससे दबाव डाला तो उसने सबकुछ उगल दिया। आरोपी ने पुलिस को यह भी बताया कि उसने स्टोर से रकम निकालने के लिए एक जाल बनाया था, जिसमें उसे मदद मिलती थी।
मालिक का बयान
नरेश सिंह राजपूत ने बताया कि उसे पहले इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उसने कहा कि वह अपने स्टोर के संचालन को लेकर पूरी तरह से सजग था, लेकिन जब उसने यह पाया कि कोई चीज़ गलत हो रही है, तो उसने इस मामले की जांच शुरू की। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही निराशाजनक है कि उनके भरोसे का व्यक्ति इतना बड़ा धोखा दे सकता है। नरेश सिंह ने यह भी कहा कि इस घटना ने उन्हें यह सिखाया है कि व्यवसाय में हमेशा सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि कभी भी किसी पर भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के बाद उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (विश्वासघात), और 34 (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उसने इतनी बड़ी रकम कहां खर्च की।
इस घटना ने भिलाई में दवाइयों के व्यवसाय से जुड़ी दुकानों को भी सतर्क कर दिया है। कई दुकानदार अब अपने हिसाब-किताब में सुधार लाने की योजना बना रहे हैं ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी को रोका जा सके। नरेश सिंह राजपूत के मुताबिक, वह इस मामले को अदालत में लेकर जाएंगे और आरोपी को कड़ी सजा दिलवाने की पूरी कोशिश करेंगे।
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