
Chhattisgarh में “गौधाम योजना” का शुभारंभ: पशु संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
रायपुर, 11 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज “गौधाम योजना” का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य पशुधन की सुरक्षा, संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। यह योजना पशुपालकों और गौ-सेवकों के लिए एक नई आशा की किरण लेकर आई है, जो न केवल पशुओं की देखभाल को बढ़ावा देगी, बल्कि ग्रामीण समुदायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

पशु संरक्षण और आय सृजन
“गौधाम योजना” का प्रमुख उद्देश्य पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पशुपालकों के लिए नियमित आय का स्रोत प्रदान करना है। इस योजना के तहत गौ-शालाओं और पशु संरक्षण केंद्रों को प्रोत्साहन दिया जाएगा, जहां गौ-सेवक और पशुपालक पशुओं की देखभाल के साथ-साथ आय अर्जित कर सकेंगे। यह योजना विशेष रूप से उन पशुपालकों के लिए लाभकारी होगी जो अपनी आजीविका के लिए पशुधन पर निर्भर हैं।
पशुधन सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्तिकरण
इस योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण लक्ष्य पशुधन की नस्लों में सुधार करना है, ताकि दूध उत्पादन में वृद्धि हो और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिले। बेहतर नस्लों के माध्यम से दूध उत्पादन को बढ़ावा देने से न केवल डेयरी उद्योग को मजबूती मिलेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इसके अलावा, यह योजना पशुधन संरक्षण को एक नई दिशा प्रदान करेगी, जिससे पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों और प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योजना के शुभारंभ के अवसर पर कहा, “गौधाम योजना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि लाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल हमारे पशुधन की रक्षा करेगी, बल्कि पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाकर राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी।”
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