
Cyber crime के खिलाफ CBI की बड़ी कार्रवाई: तीन आरोपी गिरफ्तार
दिनांक: 28 जुलाई 2025
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने साइबर अपराध के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज करते हुए एक बड़े अभियान में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई संगठित साइबर धोखेबाजों के एक नेटवर्क को उजागर करने के लिए की गई, जो देश भर में बड़े पैमाने पर साइबर अपराधों को अंजाम दे रहा था।
विशिष्ट जानकारी के आधार पर कार्रवाई
CBI की EDB मुंबई इकाई ने विशिष्ट स्रोतों से प्राप्त जानकारी और उसके सत्यापन के बाद एक खच्चर खाताधारक, अज्ञात साइबर धोखेबाजों, अज्ञात बैंक अधिकारियों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। जांच में सामने आया कि 02 जुलाई 2025 को एक ही दिन में विभिन्न साइबर पीड़ितों से 3.81 करोड़ रुपये की राशि एक खच्चर खाते में जमा की गई थी। इसके बाद, इस धन को पूरे भारत में सौ से अधिक अन्य खच्चर खातों में स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे धन का अंतिम गंतव्य छिपाने की कोशिश की गई।
KYC मानदंडों की अनदेखी का खुलासा
सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया कि उक्त खच्चर खाता खोलने में बैंकरों और बिचौलियों ने उचित केवाईसी (नो योर कस्टमर) मानदंडों, ग्राहक की उचित जांच-पड़ताल या प्रारंभिक जोखिम मूल्यांकन का पालन नहीं किया। यह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मास्टर सर्कुलर और बैंकों के आंतरिक दिशानिर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है। जांच एजेंसी ने इस साजिश को पूरी तरह से उजागर किया और इसमें शामिल व्यक्तियों की पहचान की।

तलाशी में जब्त किए गए सबूत
सीबीआई ने तलाशी अभियान के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए, जिनमें मोबाइल फोन, आईपैड, बैंक खाता खोलने के दस्तावेज, लेन-देन विवरण और केवाईसी से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। जांच में यह भी पता चला कि मुंबई में खच्चर खाता खोलने, नागपुर में खाताधारक के ठहरने की व्यवस्था करने और अन्य म्यूल खातों में धनराशि स्थानांतरित करने में बिचौलियों की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
क्रिप्टो करेंसी के जरिए कमीशन का खेल
सीबीआई ने खुलासा किया कि नागपुर के एजेंटों और खच्चर खाताधारकों को क्रिप्टो करेंसी में कमीशन का भुगतान किया गया, जिसे बाद में सह-षड्यंत्रकारियों के बीच वितरित किया गया। यह साइबर अपराध के नेटवर्क की जटिलता को दर्शाता है, जिसमें धन को कई स्तरों पर स्थानांतरित कर उसका स्रोत छिपाया गया।
इस मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों के नाम:
1) सुधीर भास्कर पलांडे – खच्चर खाताधारक
2) यश ठाकुर – एजेंट/बिचौलिया
3) शौर्य सुनीलकुमार सिंह – एजेंट/संचालक
आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआई इस मामले में आगे की जांच जारी रखे हुए है ताकि इस संगठित साइबर अपराध नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनके तरीकों का पता लगाया जा सके।
यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ सीबीआई के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है और आम जनता को साइबर धोखाधड़ी से सावधान रहने की चेतावनी देती है।
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