
गुंडरदेही में तालाब किनारे जुआ खेलने गए युवक की मौत, पुलिस की लापरवाही पर चक्काजाम
गुंडरदेही, 25 जुलाई 2025:
छत्तीसगढ़ के गुंडरदेही में एक दुखद घटना ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया। 37 वर्षीय दुर्गेश सोनकर, जो अपने दोस्तों के साथ नदी किनारे ताश खेलने गया था, की नदी में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए सड़क पर चक्काजाम कर दिया।
तालाब किनारे जुआ खेलते समय हादसा
जानकारी के अनुसार, दुर्गेश सोनकर अपने मित्रों के साथ तालाब किनारे ताश खेल रहा था। बताया जा रहा है कि इस दौरान उसने नदी में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुलिस को इस घटना की सूचना तुरंत दी गई थी और पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने दुर्गेश को बचाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने केवल तमाशबीन बनकर स्थिति को देखा।

24 घंटे बाद बरामद हुआ शव
दुर्गेश का शव 24 घंटे बाद नदी से बरामद किया गया। परिजनों का दावा है कि यदि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की होती, तो शायद दुर्गेश की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस की इस देरी ने स्थानीय लोगों और परिजनों के आक्रोश को और बढ़ा दिया।

पुलिस पर लापरवाही और गुंडागर्दी का आरोप
परिजनों ने पुलिस पर न केवल लापरवाही बल्कि गुंडागर्दी का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस ने न तो समय पर बचाव कार्य शुरू किया और न ही घटना को गंभीरता से लिया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस का व्यवहार उनके प्रति असंवेदनशील था, जिसने उनके दुख को और गहरा किया।

स्थानीय लोगों ने किया चक्काजाम
पुलिस की इस कथित निष्क्रियता के खिलाफ स्थानीय लोगों ने सड़क पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को न्याय मिले। इस चक्काजाम से सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिससे क्षेत्र में यातायात प्रभावित हुआ।

आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी। इस आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।
परिजनों की मांग: न्याय और मुआवजा
दुर्गेश के परिवार ने इस घटना की निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग की है। साथ ही, स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि पुलिस को आपातकालीन स्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए और जवाबदेह बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस का पक्ष
पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और उनकी आपातकालीन प्रतिक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



