
गलत इलाज से गर्भवती की मौत: बंगाली डॉक्टर को 7 साल की सजा
जांजगीर-चांपा, 25 जुलाई 2025
नवागढ़ में दुखद घटना
जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र के हीरागढ़ गांव में एक बंगाली डॉक्टर के गलत इंजेक्शन के कारण चार माह की गर्भवती महिला की मौत हो गई। इस मामले में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश सर्व विजय अग्रवाल ने आरोपी डॉक्टर को सात साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
मामले का विवरण
अभियोजन के अनुसार, 1 सितंबर 2024 को रुक्मणी कश्यप, जो चार माह की गर्भवती थी, की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने बंगाली डॉक्टर ध्रुवांती सिकदार को घर बुलाया। डॉक्टर के पास वैध मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं था, फिर भी उसने स्वयं दवाइयां खरीदीं और रुक्मणी को टेरिफाइलिन इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन के बाद रुक्मणी की हालत और बिगड़ गई। उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नवागढ़ ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने पर नवागढ़ थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि आरोपी ध्रुवांती सिकदार ने योग्यता न होने के बावजूद गलत इंजेक्शन लगाया, जिससे रुक्मणी की मृत्यु हुई। 8 सितंबर 2024 को आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया और जांच के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय का फैसला
साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश सर्व विजय अग्रवाल ने सिउंड गांव निवासी आरोपी ध्रुवांती सिकदार (52 वर्ष) को भारतीय दंड संहिता की धारा 105 के तहत सात साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना न चुकाने पर तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतने का आदेश दिया गया।
मामले में लोक अभियोजक संदीप सिंग बनाफर ने प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप यह सजा सुनाई गई। यह मामला चिकित्सा क्षेत्र में लापरवाही और गैर-कानूनी प्रैक्टिस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का उदाहरण है।
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