
दुर्ग-दल्लीराजहरा ट्रेन में अराजकता: शराब पीकर गाली-गलौज और मारपीट, सुरक्षा व्यवस्था नदारद
दुर्ग, 24 जुलाई 2025:
दुर्ग से मरोदा होकर दल्लीराजहरा तक चलने वाली यात्री ट्रेन में असामाजिक तत्वों का उत्पात बढ़ता जा रहा है। शराब पीकर गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं आम हो गई हैं, जिसके चलते यह ट्रेन महिलाओं और सभ्य परिवारों के लिए सुरक्षित नहीं रह गई है। रेलवे पुलिस की अनुपस्थिति और सुरक्षा के अपर्याप्त इंतजामों ने यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
ट्रेन में बढ़ता हुल्लड़ और अराजकता
सोमवार को दुर्ग से मरोदा पहुंची ट्रेन में सब कुछ सामान्य था, लेकिन मरोदा से दल्लीराजहरा के लिए रवाना होने के बाद स्थिति बिगड़ गई। मरोदा स्टेशन पर सैकड़ों मजदूर ट्रेन में चढ़े, जिनमें से कई शराब के नशे में थे। कुछ लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और चाकू लहराने लगे। इससे ट्रेन में गहमागहमी की स्थिति बन गई, जिससे महिलाएं और अन्य यात्री परेशान हुए। यात्रियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं अब रोजमर्रा की बात हो गई हैं।
सुरक्षा व्यवस्था का अभाव
ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं हैं। रेलवे पुलिस की गश्त की व्यवस्था भी नहीं है। मरोदा से दल्लीराजहरा के बीच RPF प्रभारी से संपर्क करने की कोशिश करने पर उनका फोन हमेशा व्यस्त मिलता है। इससे यात्री असमंजस में हैं कि अपनी शिकायतें कहां दर्ज कराएं। रेलवे अधिकारियों की उदासीनता भी इस समस्या को और गंभीर बना रही है।

रेलवे पुलिस की कार्रवाई का आश्वासन
रेलवे बालोद के प्रभारी टीएस ध्रुवधाना ने बताया कि मरोदा से दल्लीराजहरा तक चलने वाली ट्रेन में गश्त की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले रेलवे पुलिस नियमित गश्त करती थी, लेकिन वर्तमान में कुछ सिपाही प्रशिक्षण में होने के कारण गश्त में कमी आई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शराब पीकर हुल्लड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कदम उठाए जाएंगे।
ट्रेन विस्तार से बढ़ी यात्रियों की संख्या
रेलवे विभाग के अनुसार, ट्रेन के विस्तार के कारण यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में अंतागढ़ से रायपुर तक चलने वाली इस ट्रेन में बालोद, कांकेर, दुर्ग और रायपुर जिलों के यात्री सफर करते हैं। 2017-18 से 2022-23 तक छह साल में ट्रेन का विस्तार 39 किलोमीटर तक हो चुका है। पहले यह ट्रेन दल्लीराजहरा से रायपुर तक चलती थी, लेकिन अब यह अंतागढ़ से रायपुर तक संचालित हो रही है। हालांकि, बोगियों की संख्या अभी भी सीमित है, जिसके चलते यात्रियों ने 12 बोगी वाली ट्रेन चलाने की मांग की है। इस मांग को ध्यान में रखकर डीआरएम और जीएम ने प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
यात्रियों की मांग: सुरक्षा और सुविधा
यात्री लंबे समय से ट्रेन में बोगियों की संख्या बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं। बढ़ती भीड़ और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों ने यात्रियों, खासकर महिलाओं और परिवारों, के लिए सफर को असुरक्षित बना दिया है। रेलवे पुलिस की नियमित गश्त और कड़ी निगरानी ही इस समस्या का समाधान कर सकती है।
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