
छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में शिक्षक को 5 साल की सजा, हाईकोर्ट ने खारिज की अपील
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक शासकीय हाई स्कूल के शिक्षक को 13 साल की छात्रा के साथ छेड़छाड़ के मामले में 5 साल की सजा बरकरार रहेगी। हाईकोर्ट ने आरोपी शिक्षक की सजा के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया है। शिक्षक को यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत दोषी ठहराया गया है और 5 वर्ष की कैद के साथ 2,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
मामले का विवरण
मुंगेली जिले के शासकीय हाई स्कूल में व्याख्याता के पद पर कार्यरत अमित सिंह पर अपनी ही स्कूल की 13 वर्षीय छात्रा के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा था। पीड़िता की मां ने 25 अगस्त 2022 को स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने बताया कि शिक्षक ने उनकी बेटी के साथ अशोभनीय व्यवहार किया। पीड़िता अनुसूचित जाति/जनजाति समुदाय से होने के कारण पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 354, पॉक्सो अधिनियम की धारा 10 और अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1) के तहत मामला दर्ज किया।

न्यायालय का फैसला
पुलिस ने जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान निचली अदालत ने अमित सिंह को पॉक्सो अधिनियम की धारा 10 के तहत दोषी करार देते हुए 5 साल की सजा और 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
शिक्षक ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
हाईकोर्ट में अपील खारिज
अपील में शिक्षक ने दावा किया कि वह 25 अगस्त 2022 को स्कूल में मौजूद नहीं था और उस दिन अकस्मात अवकाश पर था। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया, क्योंकि उनके द्वारा पेश किए गए दस्तावेज में केवल स्कूल के प्राचार्य का हस्ताक्षर था, जिसे साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं किया गया। इसके अतिरिक्त, जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने 25 अगस्त के अलावा अन्य दिनों में भी छात्रा के साथ छेड़छाड़ की थी।
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